जर्जर इमारतें दे रहीं मौत को दस्तक, सो रहे प्रशासन की नहीं खुल रही पलक

Apr 05, 2026 09:01 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, उन्नाव
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Unnao News - उन्नाव में जर्जर इमारतों के मुद्दे पर प्रशासन की चुप्पी से बड़े हादसे का डर है। हाल की बारिश ने हालात को और बिगाड़ दिया है। नगर पालिका ने 144 इमारतों को चिह्नित किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासियों ने संयुक्त टीम बनाने और इमारतों के ध्वस्तीकरण की मांग की है।

जर्जर इमारतें दे रहीं मौत को दस्तक, सो रहे प्रशासन की नहीं खुल रही पलक

उन्नाव। शहर में जर्जर और गिरासू इमारतों के मुद्दे पर जिला प्रशासन और नगर पालिका की चुप्पी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। शनिवार और रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने न केवल मौसम का मिजाज बदला, बल्कि जर्जर मकानों के नीचे रहने और वहां से गुजरने वालों के दिलों में दहशत भी भर दी है। हैरानी की बात यह है कि चार दिवसीय विशेष अभियान के बावजूद प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी, जबकि शहर के मुख्य बाजारों और रिहाइशी इलाकों में मौत बनकर खड़ी ये इमारतें कभी भी जमींदोज हो सकती हैं। दो साल से सिर्फ कागजी कार्रवाईशहर की हृदय स्थली कहे जाने वाले इलाकों में कई इमारतें दशकों पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं।

नगर पालिका ने नवंबर 2022 में अभियान चलाकर ऐसी 144 इमारतों को चिह्नित किया था और उन पर नोटिस भी चस्पा किए थे। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कार्रवाई केवल नोटिस देने तक ही सिमट कर रह गई है। न तो भवन स्वामियों ने इन मकानों की मरम्मत कराई और न ही विभाग ने इन्हें ढहाने की जहमत उठाई।धवन रोड पर मंडरा रही मौतसबसे बदतर हालात धवन रोड और कोतवाली क्षेत्र के आसपास के इलाकों के हैं। यहाँ दर्जनों ऐसे मकान हैं जिनकी दीवारें झुक चुकी हैं और छज्जे बारिश के पानी से भारी होकर कभी भी गिर सकते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अधिकारी आते हैं, मुआयना करते हैं और चले जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।जिम्मेदारों की टालमटोल से बढ़ा खतरास्थानीय निवासी राहूफ और शिव नंदन गुप्ता ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि:नगर पालिका और जिला प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं।प्रशासन के पास जर्जर मकानों का कोई अद्यतन डेटा तक नहीं है।पूर्व में हुए हादसों (कोतवाली और पुरवा क्षेत्र) से भी कोई सबक नहीं लिया गया है।संयुक्त टीम बनाने का सुझावनागरिकों ने मांग की है कि यूडीए नगर पालिका और पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित कर उन इमारतों का तुरंत ध्वस्तीकरण किया जाए जो कानूनी विवादों से मुक्त हैं। साथ ही, बारिश के दौरान ऐसी इमारतों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।वर्जननगर पालिका क्षेत्र में कई जर्जर भवनों के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिससे कार्रवाई में बाधा आ रही है। हालांकि, अन्य गिरासू इमारतों के ध्वस्तीकरण के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। आदेश मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।— एस.के. गौतम, ईओ नगर पालिका परिषद, उन्नाव

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