
चोरी से जल दोहन पर मिर्जा की तीन यूनिटों पर 12 लाख जुर्माना
संक्षेप: Unnao News - उन्नाव में मिर्जा इंटरनेशनल की तीन यूनिटों पर जल दोहन के लिए 12 लाख का जुर्माना लगाया गया है। डीएम गौरांग राठी की अध्यक्षता में हुई जांच में अवैध बोरवेल और नियमों का उल्लंघन पाया गया। भविष्य में पुनरावृत्ति करने पर विधिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।
उन्नाव। जल दोहन पर मिर्जा इंटरनेशनल की तीन यूनिटों पर प्रति यूनित चार लाख रुपए के हिसाब से 12 लाख का जुर्माना लगाया गया है। औचक जांच में सामने आई अनियमितता पर भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट के बाद डीएम गौरांग राठी ने यह कार्रवाई तय की है। अधिनियम के अंतर्गत गठित टास्क फोर्स द्वारा जनपद में संचालित फर्म मेसर्स मिर्जा इंटरनेशनल की तीन यूनिटों जिसमें यूनिट 1, 2 व 11 में भूजल दोहन की अनियमितता पाई गई। औचक जांच के दौरान फर्म की यूनिट संख्या 2 व 11 में बगैर अनुमति से अवैध बोरवेल द्वारा भूजल दोहन करते पाया गया।

साथ ही फर्म की यूनिट संख्या एक व दो में बोरवेल के सापेक्ष जारी अनापत्ति पत्र में दर्ज शर्तों का अनुपालन भी नहीं करते पाया गया। जिसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद द्वारा फर्म मेसर्स मिर्जा इंटरनेशनल को प्रति यूनिट पर चार लाख का अर्थदंड जुर्माना लगाया गया है। इसी के साथ ही भविष्य में पुनरावृत्ति करने पर अब विधिक कार्यवाही किए जाने की चेतावनी भी जारी की गयी है। प्रदेश में भूगर्भ जल प्रबंधन एवं विनियमन अधिनियम के अंतर्गत कृषि तथा घरेलू उपयोग में चलित बोरवेल का पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य है। जबकि, औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्मक, आरओ प्लांट एवं सामूहिक फर्मों को नवीन बोरवेल, ट्यूबवेल व पूर्व में स्थापित बोरवेल, ट्यूबवेल द्वारा भूजल निकालने के लिए निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेना अनिवार्य है। वहीं पोर्टल पर ही जहां बोरिंग की जानी है वहां ड्रिलिंग मशीनों का पंजीकरण भी अनिवार्य रूप से कराया जाना है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




