‘स्लीप मोड’ में 45 करोड़ की विधायक निधि, विकास कार्य अटके

Dec 07, 2025 09:57 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, उन्नाव
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Unnao News - उन्नाव जिले में विधायक निधि का लगभग 45 करोड़ रुपए खर्च नहीं हो रहा है। छह विधायकों में से केवल दो ने प्रस्ताव भेजे हैं। विकास कार्य धीमी गति से चल रहे हैं, जिससे जनता विकास के इंतजार में है। अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावों की संख्या बेहद कम है, जिससे निधि डंप हो रही है।

‘स्लीप मोड’ में 45 करोड़ की विधायक निधि, विकास कार्य अटके

उन्नाव। जिले में विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगानेवाले कोई और नहीं, बल्कि खुद जनप्रतिनिधि ही निकले। करोड़ों रुपए की विधायक निधि खाते में पड़ी धूल खा रही है और जमीन पर काम नाम की चीज दिखाई नहीं दे रही। हालात यह हैं कि पिछले दो वित्तीय वर्षों की करीब 45 करोड़ रुपए की निधि खर्च न होने से डंप पड़ी है। छह विधानसभाओं में से अधिकांश विधायकों ने अपनी विधायक निधि खर्च करने में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जहां सड़कों से लेकर नालियों तक और स्कूलों से अस्पतालों तक सुधार की गुंजाइश बनी हुई है, वहीं निधि खर्च न होने से विकास कार्य कछुआ गति से भी आगे नहीं बढ़ पा रहे।

सदर के पंकज गुप्ता, पुरवा के अनिल सिंह, सफीपुर के बंबालाल दिवाकर, बांगरमऊ के श्रीकांत कटियार और मोहान के बृजेश रावत समेत कुल छह विधायकों में से सिर्फ मोहान के विधायक बृजेश रावत और भगवंतनगर के आशुतोष शुक्ला ने अपने प्रस्ताव डीआरडीए में भेजे हैं। बाकी विधायकों की निधि लगभग जस की तस पड़ी हुई है। हर विधायक को प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपए की निधि दी जाती है, जिसे छह-छह महीने के अंतराल पर ढाई-ढाई करोड़ की किश्तों में जारी किया जाता है। यह राशि सड़क निर्माण, खड़ंजा, नाली, स्कूल, अस्पताल, सोलर लाइट जैसी योजनाओं पर खर्च की जानी होती है, लेकिन अधिकांश विधायकों ने इन कार्यों के प्रस्ताव ही पूरा नहीं किए। डीआरडीए के अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के लिए आए प्रस्ताव बेहद कम हैं। यही वजह है कि दो वित्तीय वर्षों 2023-24 और 2024-25 की कुल मिलाकर लगभग 45 करोड़ रुपए की निधि डंप पड़ी है। जनता विकास के इंतजार में है, पर निधि खर्च न होने से जिले की तस्वीर बदलने वाले कई प्रोजेक्ट फाइलों में ही दम तोड़ रहे हैं। लेटर पैड की जगह दिए जाते हैं डिजिटल प्रस्ताव विधायकों को ऑनलाइन प्रस्ताव भेजने की व्यवस्था है। खासकर विधायक निधि के लिए जहां अब लेटर पैड की जगह डिजिटल/ऑनलाइन प्रस्ताव दिए जाते है ताकि पारदर्शिता बढ़े और भुगतान भी डिजिटल हो। लेकिन जिले में विधायक निधि को खर्च करने में ही गंभीर नहीं दिख रहे हैं। इसके लिए विधायक को पत्र भेजने की तैयारी विभाग से की जा रही है। विधायकों की निधि न खर्च होने का तकरीबन आकड़ा सदर विधायक ----- 14 करोड़ पुरवा विधायक ----- 11 करोड़ सफीपुर ----- 08 करोड़ बांगरमऊ ----- 07 करोड़ मोहान ----- 04 करोड़ कोट-- करीब 40 से 45 करोड़ रुपए विधायक निधि डंप है। कुछ विधायकों ने प्रस्ताव दिए है। बाकी जिनके प्रस्ताव नहीं आ रहे हैं, उनको पत्र लिखा जा रहा है। तेजवंत सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए।

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