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उन्नाव बन सकता है भारत–रूस लेदर ट्रेड का नया हब

उन्नाव बन सकता है भारत–रूस लेदर ट्रेड का नया हब

संक्षेप:

Unnao News - उन्नाव की लेदर इंडस्ट्री पुतिन की भारत यात्रा से पहले सुर्खियों में है। रूस के इंपोर्टर्स ने तीन प्रमुख चर्म इकाइयों का निरीक्षण किया, जिससे स्थानीय कारोबारियों में उत्साह बढ़ा है। व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं से उन्नाव के निर्यात में 25-30% वृद्धि की उम्मीद है।

Dec 04, 2025 08:28 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, उन्नाव
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उन्नाव। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से ठीक पहले उन्नाव की लेदर इंडस्ट्री सुर्खियों में आ गई है। रूस के प्रमुख इंपोर्टर्स का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार शाम जनपद पहुंचा, जहां उसने तीन प्रमुख चर्म इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरे से न केवल स्थानीय कारोबारियों में उत्साह बढ़ा है, बल्कि भारत–रूस व्यापारिक संबंधों में नई दिशा मिलने की उम्मीद भी मजबूत हुई है। चर्म व्यवसायियों का कहना है कि पुतिन की यात्रा से पहले यह विजिट भारत और उन्नाव दोनों के लिए शुभ संकेत है। ‘लेदर सिटी’ के नाम से मशहूर उन्नाव से हर साल करीब छह हजार करोड़ रुपये के चर्म उत्पादों का निर्यात किया जाता है।

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लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वैश्विक मंदी और अमेरिकी टैरिफ नीति की दोहरी मार ने यहां के उद्योग को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। बढ़े हुए शुल्क और घटी मांग के चलते लगभग 500 करोड़ रुपये का माल तीन महीने से अटका है, जबकि करीब ढाई हजार करोड़ रुपये का व्यापार ठप पड़ा है। इस पृष्ठभूमि में रूस की ओर से संभावित व्यापारिक सहयोग ने उद्योग जगत को नई राहत दी है। गुरुवार शाम पुतिन दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे। उनके आने से एक दिन पहले मॉस्को से आए इंपोर्टर्स येवगेनी और एनी ने एकेआई इंडिया, कैलिको सहित तीन चर्म इकाइयों का बारीकी से निरीक्षण किया। चर्म उद्योग परिषद के रीजनल चेयरमैन असद कमल इराकी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने इन इकाइयों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता की सराहना करते हुए बड़े पैमाने पर आयात की संभावना जताई है। इराकी ने कहा कि कोरोना काल के बाद अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में गिरावट से भारतीय एक्सपोर्टर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं अमेरिका के बढ़े टैरिफ ने उद्योग को सीधे प्रभावित किया। दूसरी ओर रूस ने हाल के वर्षों में यूरोपीय बाजारों पर निर्भरता कम की है, जिसमें लेदर उत्पाद भी शामिल हैं। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिल सकता है। फिलहाल उन्नाव, कानपुर और चेन्नई की कई यूनिटें रूस की प्राथमिकता सूची में शामिल हो चुकी हैं। उन्नाव की इकाइयों के निरीक्षण के बाद कारोबारियों में उत्साह का माहौल है। उनका कहना है कि यह दौरा केवल एक व्यापारिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत–रूस व्यापारिक रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संभावित समझौता आगे बढ़ा तो उन्नाव से लेदर निर्यात में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। चर्म उद्योग परिषद जल्द ही रूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ विशेष इंटरैक्शन सेशन आयोजित करेगी, जिसमें निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी। दीर्घकालिक साझेदारी की उम्मीद चर्म व्यवसायियों ने बताया कि पुतिन की भारत यात्रा के दौरान भारतीय लेदर इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों को विशेष कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि लेदर सेक्टर से जुड़े किसी द्विपक्षीय समझौते या साझा घोषणा की संभावना मजबूत है। उनका कहना है कि अमेरिका से हुए नुकसान की भरपाई रूस के साथ दीर्घकालिक व्यापारिक सहयोग से संभव है। उन्नाव भारत की लेदर सिटी 1- उन्नाव में 50 से अधिक सक्रिय लेदर इकाइयाँ 2- उत्पादों का अमेरिका, यूरोप, जापान और मिडिल ईस्ट में निर्यात 3- करीब 50 हजार लोग प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े 5- ओडीओपी में जनपद का प्रमुख उत्पाद ‘लेदर’ शामिल अमेरिका से झटका, रूस से राहत 1- 2025 में अमेरिका ने भारतीय लेदर उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया। इससे एक्सपोर्ट में लगभग 18% गिरावट आई 2- रूस ने हाल के महीनों में एशियाई देशों से व्यापार बढ़ाया 3- भारत का लेदर रूस के ठंडे मौसम और मिलिट्री गियर मार्केट के लिए बेहतर माना जाता है