बिजली की रिकॉर्ड मांग, 600 एम्पियर पार सब स्टेशन
उन्नाव, संवाददाता। तपिश भरी गर्मी और तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचते ही बिजली

उन्नाव, संवाददाता। तपिश भरी गर्मी और तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचते ही बिजली की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। 10 दिन में बिजली की मांग 250 मेगावाट बढ़कर अब 550- 600 मेगावॉट तक पहुंच गई है। कब्बाखेड़ा, एराभदियार, पीडी नगर में बढ़ता लोड टेंशन भी बढा रहा। अभियन्ता ट्रांसफार्मर हीटिंग से परेशान है, सुरक्षा की तलाश में अब कूलर के प्रबंध तक शुरू किए गए है। दूसरी ओर मार्च से अप्रैल के बीच 44 ट्रांसफार्मर दगा दे गए। लोकल- फाल्टों के बढ़ने से जमकर कटौती हो रही है। इसके बावजूद रोस्टर के अनुरूप आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं।सरकार
भले ही निर्बाध रूप से बिजली देने का दावा करती आ रही है लेकिन गर्मी शुरू होते ही सभी दावों की हवा निकल जाती है। तापमान में बढ़ोतरी होते ही शहर से लेकर गांव तक दिन भर अघोषित कटौती का दौर जारी रहता है। लोगों को दिन में भर में तीन से चार घंटे तक कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो आठ आठ घंटे की कटौती हो रही है जबकि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए करोड़ों रुपये का बजट हर साल पास होता है। रिवैंप योजना और बिजनेस प्लान से इस साल भी करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। बजट से ट्रांसफार्मर बदलने के साथ ही एटीबीटी केबल, कई किलोमीटर एलटी लाइन, 11 केवी की लाइनों के साथ ही 33 केवी नई लाइनें बिछाई जा चुकी हैं। गर्मी से पहले मेंटेनेंस पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बाद भी दिन भर बिजली कटौती हो रही है। अब इस कटौती का एककारण बढ़ता बिजली का लोड है। अभियन्ताओ की जुबानी अपनी अलग है, वह कहते है, नार्मल दिनों में 270 एम्पियर तक सब स्टेशन का चलने वाला लोड इनदिनों 550 एम्पियर पार कर चुका है। लाइने हीट होती तो 33 केवी कभी कभी फॉल्ट से ट्रिप कर जाती है, इसकी पेट्रोलिंग फिर आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास शुरू होते, इस वजह से समस्या खड़ी रहती है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता अमिय कुमार सिंह ने कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति के प्रयास जारी है। कई बड़े क्षेत्र वाले सब स्टेशनी मे लोड 550 एम्पियर के पार हो गया है। वहा व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के लिए अभियन्ता काम कर रहे है। लोड बढ़ने पर भी बिजली कटौती न हो, इस बाबत आदेश दिए गए है।उपकेंद्र में कमजोर होने लगी अर्थिंग: अप्रैल में जून जैसी तपिश के चलते करीब चार दिनों से शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रो के कई सब स्टेशनों पर लो वोल्टेज और पॉवर घटने-बढ़ने की समस्या बढ़ी है। इससे बिजली उपकरण नहीं चल पा रहे हैं। ओवरलोड होने से बार-बार ट्रांसफार्मर कट होने और फीडर ट्रिप हो रहे हैं। समस्या से निपटने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों ने बिजली उपकेंद्रों में जमीन की नमी बढ़ाने के लिए अर्थिंग प्वाइंटों में पानी भरवाया जाने लगा है। अभियन्ता कहते हैं कि इस बार अप्रैल में वारिश नही हुई जिससे अर्थ में कोई समस्या खड़ी हो रही।
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