बस बजट खर्च का मकसद, प्रशिक्षुओं के बिना प्रशिक्षण

Mar 01, 2026 10:59 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, उन्नाव
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Unnao News - उन्नाव के बेसिक शिक्षा विभाग ने बजट को सही तरीके से खर्च नहीं किया है। प्रशिक्षण और कार्यशालाओं के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जिससे कार्यक्रमों का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। कम संख्या में उपस्थित प्रतिभागियों के कारण बजट का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे शिक्षा सुधार में बाधा आ रही है।

 बस बजट खर्च का मकसद, प्रशिक्षुओं के बिना प्रशिक्षण

उन्नाव। बेसिक शिक्षा विभाग मार्च से पहले बजट को ठिकाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। बजट को खर्च करने में विभाग को इतनी जल्दी है कि वह बजट के सही मायने को भी नहीं समझ रहा है। जिस प्रशिक्षण और कार्यशाला के लिए बजट को जारी किया गया है उसे प्रशिक्षण लेने वाले अध्यक्ष और सदस्यों के बिना ही खर्च कर कागजों पर सफल होने का दम भरा जा रहा है। बिछिया, सफीपुर समेत अन्य ब्लाकों में अब तक कराए कार्यक्रमों में सिर्फ बजट खर्च की जल्दबाजी दिखी बाकी इसके सफल मकसद में नाकामी ही रही। बेसिक शिक्षा विभाग में विद्यालय प्रबंध समिति के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अध्यक्ष (अभिभावक) और सचिव (प्रधान शिक्षक) को शामिल करके विद्यालय के विकास, शिक्षा के गुणवत्ता, एमडीएम और सरकारी योजनाओं आदि में सामुदायिक भागीदारी केलिए प्रशिक्षित करने को लाखों रुपए बजट जारी किया गया है।

जबकि एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन करके प्रधान शिक्षक, प्रधान और एसएमसी अध्यक्षों को शिक्षा सुधार, विद्यालय प्रबंधन, ऑपरेशन कायाकल्प, शिक्षण संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों को पहले तो समय से न कराकर अपने बनाए गए नियमों पर कराया जा रहा है। इसके कारण कार्यक्रम का जो उद्देश्य है उस पर जिले के अफसर पूरी तरह से पानी फेरे हुए है। प्रशिक्षण के नाम पर मात्र औपचारिक कार्यक्रम करके इसे निपटाया जा रहा है। किसी कार्यक्रम में शासन से तय नियमों पर अमल नहीं किया जा रहा है। अध्यक्ष और सचिव के प्रशिक्षण कार्यक्रम से कहीं अध्यक्ष गायब है तो कहीं उन्मुखीकरण कार्यशाला में प्रधान और अध्यक्षों की गिनी चुनी संख्या को बुलाकर इसे सफल बनाया जा रहा है। अब तक इन ब्लाकों में सिर्फ की गई फर्जअदायगी एसएमसी प्रशिक्षण और उन्मुखीकरण कार्यशाला के उद्देश्य का अब तक ब्लॉकों में माखौल ही उड़ाया गया है। 21 फरवरी को बिछिया ब्लॉक में कराया गया एसएमसी प्रशिक्षण हो या फिर शनिवार को सफीपुर में उन्मुखीकरण कार्यशाला पूरी तरह से बजट खपाऊ की मंशा पर दिखा। बिछिया के प्रशिक्षण कार्यक्रम 165 स्कूलों से अध्यक्षों की हाजिरी 10 से 15 संख्या में रही। यहीं आलम सफीपुर के उन्मुखीकरण कार्यक्रम में रहा। यहां पर 153 स्कूलों के सापेक्ष प्रधान व अध्यक्ष गिने चुने रहे। इसके अलावा दूसरे ब्लॉकों में भी कार्यक्रम के उद्देश्य से खिलवाड़ किया गया। सूत्रों की मानें तो रजिस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कराए गए। दावा है कि सीसीटीवी या फिर कराई फोटोग्राफी व वीडीयोग्राफी से भी इसकी सच्चाई का पता लगाया जा सकता है। प्रशिक्षण का शेष बजट आखिर कहां होगा खर्च ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण व उन्मुखीकरण कार्यक्रम के लिए प्रत्येक प्रतिभागी के हिसाब से 200 रुपए का बजट जारी है। यह दोनों कार्यक्रम अलग-अलग ढंग से करने का शासनादेश है। इसके लिए बजट भी जारी है। 200 रुपए में स्टेशनरी में पेन, फोल्डर, पैड और जलपान व भोजन तय है। बाकी अन्य गतिविधियों व कार्यों के लिए बजट अलग तय है। अब प्रतिभागियों की कम संख्या के बाद शेष बजट कहा जाएगा। इस पर चर्चाएं तेज है। हालांकि कार्यक्रमों में बजट में खेल हर किया जाता है। कोट-- नगर के कार्यक्रम में शामिल हुआ था। वहां पर कार्यक्रम ठीक हुआ था। सफीपुर, बिछिया या फिर दूसरे ब्लॉकों में तय नियमों पर अमल करके इसे नहीं कराया जा रहा है इसे मैं दिखवाता हूं। कार्यक्रम का जो उद्देश्य है उसका पालन करके ही काम किया जाए। शैलेश कुमार पांडेय, बीएसए उन्नाव

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