
जयंती समापन पर कवियों ने बंधी समां
Unnao News - अचलगंज में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती पर एक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से आजाद को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में कई कवियों ने काव्य पाठ किया, जिसमें विशेष रूप से संतोष दीक्षित और डॉ. विनय तिवारी ने अपने गीतों से श्रोताओं का मन मोह लिया।
अचलगंज। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के 120 वीं जयंती समापन पर गुरुवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ, जिसमें वाणी पुत्रों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से आजाद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मां सरस्वती व आजाद के चित्र पर दीप प्रज्जवलन के बाद शुरू हुए कार्यक्रम में रायबरेली से पधारे कवि संतोष दीक्षित ने काव्य पाठ में कहा, उस कविता रूपी थाली से दो फूल चढ़ाने आया हूं, जो मेरे लिए भजन जैसे वो गीत सुनाने आया हंू। हे भारत माता के सपूत तुम ही हो मेरे सभी धाम। है तुमको शत शत बार नमन हे क्रांति वीर तुमको प्रणाम।। सुनाकर अजाद को श्रद्धांजलि दी।
कवि डॉ. विनय तिवारी ने कर्तव्य निर्वहन की पहचान बन के देखो। चाहत में समर्पण का प्रतिमान बन के देखो। वो जानकी बनेगी वो राधिका बनेगी। तुम राम बन के देखो घनश्याम बन के देखो। सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम देर रात चलता रहा। संचालन अनिरुद्ध सौरभ व अध्यक्षता अखिलेश अवस्थी ने किया। इस मौके पर कवि धीरज यादव, अनुरुद्ध सौरभ, अनुभव अग्यानी, अनुराग मिश्र गैर ने काव्य पाठ किया। इस मौके पर डॉ. प्रभात सिन्हा, अनुराग मिश्र, राहुल वर्मा, सुयश बाजपेई, अमित शुक्ल, पप्पू मिश्र, शंभू शुक्ल, प्रीतू शुक्ल व पप्पू पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

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