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करंट की चपेट में आने से शिक्षिका की मौत

टीवी में चैनल साफ न आने पर शनिवार की रात शिक्षिका ने छत पर पहुंच डीटूएच की छतरी को घूमने की कोशिश करने लगे। छतरी में रिवर्स करंट आ रहा था। करंट की चपेट में आने से शिक्षिका अचेत होकर गिर पड़ी। उसे कस्बा भगवंतनगर स्थित सीएचसी पर ले जाया गया। सीएचसी बंद होने से परिजन उसे प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए। जहां ऑक्सीजन न होने की बात कहकर पाटन रेफर कर दिया गया। जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि सीएचसी पर डॉक्टर व ऑक्सीजन मिल जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।

बिहार थाना क्षेत्र के पतारी गांव में रहने वाले सरल बाजपेई की अट्ठारह वर्षीय बेटी दीक्षा बाजपेई शनिवार की रात टीवी को चालू कर रही थी। इसी दौरान चैनल साफ न आने पर दीक्षा ने छत पर जाकर डीटूएच छतरी को घूमने का प्रयास किया। छतरी में करंट उतार रहा था। इसी बीच दीक्षा करंट की चपेट में आ गई। जिससे वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ी। आनन फानन परिजन उसे कस्बा भगवंतनगर स्थित सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां स्वास्थ्य केन्द्र बंद होने की वजह से एक निजी डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने ऑक्सीजन लगाने की बात कहकर पाटन के लिए रेफर कर दिया। परिजन पाटन लेकर जा ही रहे थे। इसी बीच रास्ते में ही युवती ने दम तोड़ दिया। मृतका दीक्षा कस्बा भगवंतनगर स्थित लाल बहादुर पब्लिक इंटर कॉलेज की शिक्षिका थी। परिजनों के मुताबिक अगर भगवंतनगर स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर व ऑक्सीजन मुहैय्या हो जाता तो बेटी की जान बच जाती।

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  • Web Title: Teacher's death due to current grief