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वित्तीय अनियमितताओं में पशुपालन की प्रभारी लेखाकार सस्पेंड

वित्तीय अनियमितताओं में पशुपालन की प्रभारी लेखाकार सस्पेंड

संक्षेप:

Unnao News - उन्नाव में, पशुपालन विभाग की वरिष्ठ सहायक प्रभारी लेखाकार प्रीति श्रीवास्तव को वित्तीय अनियमितताओं के कारण निलंबित कर दिया गया है। जांच में उनके द्वारा स्टॉक रजिस्टर न बनाने, गलत धनराशि लिखने और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगे हैं। उन्हें हरदोई सीवीओ कार्यालय में अटैच किया गया है।

Nov 27, 2025 06:19 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, उन्नाव
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उन्नाव। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर प्रसाद के बाद वित्तीय अनियमितताओं में पशुपालन विभाग की वरिष्ठ सहायक प्रभारी लेखाकार प्रीति श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें हरदोई सीवीओ कार्यालय में अटैच किया गया। पशुपालन विभाग लखनऊ मंडल के अपर निदेशक ग्रेड-2 द्वारा जारी किए गए निलंबन आदेश पत्र में बताया गया कि वरिष्ठ सहायक प्रभारी लेखाकार ने एक तरफ माह व क्रमवार स्टॉक रजिस्टर नहीं बनाया। पंजिका में कहीं-कहीं पर धनराशि गलत लिख दी। जेम पोर्टल से जो सामान खरीदा गया, उसमें न सामग्री की मात्रा लिखी और न ही कीमत दर्ज की। लेखाकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर नियम विरुद्ध तरीके से टेंडर दे दिए।

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प्रभारी अधिकारी का अहस्ताक्षरित पत्र जेम पोर्टल पर अपलोड कर सामग्री की खरीद करने सहित अन्य आरोपों की जांच में पुष्टि के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। चर्चा है जिस मामले में सीवीओ का सस्पेंशन हुआ था, उसमें लेखाकार भी एक अहम कड़ी थी। इन्हें अब शासन ने जांच में दोषी मानते हुए निलंबित किया है। लाखों के वित्तीय गबन और अनिमितताओं में निपटे थे सीवीओ जिले में तैनात रहे सीवीओ डॉ. महावीर प्रसाद को पशु चिकित्सालयों के कायाकल्प में मिले 13.80 लाख और कार्यालय सामग्री की तय से अधिक दामों की खरीद ले डूबी थी। 12 पशु चिकित्सालयों को 1-1 लाख और दो पशु सेवा केन्द्रों के लिए मिले 90-90 हजार रुपये मिलाकर कुल 13.80 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था। इस बजट से फर्म का चयन करके सीवीओ को रंगाई-पुताई और मरम्मीकरण का काम कराना था। मगर, सीवीओ ने कायाकल्प के बजट का दुरप्रयोग किया। कार्यालय के उपयोग की सामग्री में झाड़ू, तौलिया आदि सामग्री में भी तय रेटों में खेल कर अनियमितता बरती गई थी। इस पर रिटायरमेंट से एक दिन पहले निलंबित हो गए थे। कोट-- वित्तीय अनियमितताओं पर शासन ने कार्रवाई तय की है। मुझे आज ही पत्र मिला है। उन्हें निलंबन अवधि तक यहां से हरदोई अटैच किया गया है। डॉ. विनोद कुमार, सीवीओ