सरस्वती मेडिकल कॉलेज में ‘बैड टच’ के आरोप पर बवाल, घंटों नारेबाजी
Unnao News - सोहरामऊ, उन्नाव। संवाददाता सरस्वती मेडिकल कॉलेज में एएनएम सेकेंड ईयर की छात्रा द्वारा मेडिकल
सोहरामऊ, उन्नाव। संवाददाता सरस्वती मेडिकल कॉलेज में एएनएम सेकेंड ईयर की छात्रा द्वारा मेडिकल सुपरिटेंडेंट पर लगाए गए बैड टच के आरोप ने शनिवार को बवंडर खड़ा कर दिया। छात्रा को कथित तौर पर धमकाकर कॉलेज से बाहर निकाले जाने के बाद गुस्साए छात्र-छात्राओं ने कॉलेज को रणक्षेत्र बना दिया। नारेबाजी, धक्का-मुक्की, झड़प और अफरा-तफरी के बीच हालात इतने बिगड़े कि छह थानों की फोर्स बुलानी पड़ी। पीड़ित पक्ष, मेडिकल सुपरिटेंडेंट की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ तहरीरें दी गईं, जिसके बाद मामला शांत कराने के लिए विशाखा कमेटी गठित की गई। छात्रों की नारे लगाते हुए वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।

अजगैन थाना क्षेत्र के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज सोहरामऊ में एएनएम सेकेंड ईयर की छात्रा है। छात्रा के मुताबिक, 17 नवंबर को वह कॉलेज परिसर स्थित हॉस्पिटल में ट्रेनिंग कर रही थी, तभी मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने उसके साथ बैड टच किया। विरोध करने पर छात्रा को कथित तौर पर भविष्य खराब करने की धमकी भी दी गई। पीड़ित छात्रा ने मामले की शिकायत लिखित और मौखिक रूप से प्रिंसिपल से की, जिसके बाद शिकायत कॉलेज प्रशासन तक पहुंच गई। शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे छात्रा को कॉलेज चेयरमैन के कमरे में बुलाकर उससे उल्टा जवाब-तलब किया गया। आरोप है कि चेयरमैन ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट का पक्ष लेते हुए कहा कि दो कौड़ी की डिग्री के लिए कॉलेज को बदनाम कर रही हो। इतना ही नहीं, छात्रा और उसकी दो सहेलियों को कॉलेज से बाहर निकाल दिया गया। जैसे ही यह बात कैंपस में फैली, छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। सभी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए और आरोपित एमएस को निलंबित करने व माफी मांगने की मांग उठाई। हालात बिगड़ते देख सोहरामऊ थाना प्रभारी संदीप शुक्ला फोर्स के साथ पहुंच गए। इस दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि छात्र-छात्राओं ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट की ओर दौड़ लगा दी। पुलिस ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित किया। इसी अफरातफरी के बीच पीड़िता के चाचा को थाना प्रभारी ने खदेड़कर झकझोरते हुए पीछे से पकड़ लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहा। हालांकि, हिन्दुस्तान इस वायरल की पुष्टि नहीं करता है। इसके बाद माहौल और भड़क गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती देख हसनगंज, अजगैन, पुरवा, असोहा व दही थानों की फोर्स भी मौके पर बुलानी पड़ी। सर्कल सीओ ने छात्रों को शांत करने की कोशिश की और दोनों पक्षों की तहरीरें ली गईं। पीड़ित छात्रा की ओर से मेडिकल सुपरिटेंडेंट के खिलाफ और छात्रा के चाचा की ओर से थाना प्रभारी व सिपाहियों के खिलाफ शिकायत दी गई है। वहीं, मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने छात्र-छात्राओं के खिलाफ तहरीर दी है। मामला शांत करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने जांच को विशाखा कमेटी का गठन किया, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने धरना समाप्त किया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




