फर्जी जमानत का बड़ा खेल, दूसरे के नाम छुड़ाया आरोपी
उन्नाव में एक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहां शातिरों ने निर्दोष व्यक्तियों के नाम पर अदालत से जमानत हासिल की। संजय कुमार को पता चला कि उनके नाम से गुफरान की जमानत ली गई है, जबकि वे उसे नहीं जानते। पुलिस ने दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

उन्नाव, संवाददाता। जनपद में फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शातिरों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे निर्दोष व्यक्तियों के नाम पर अदालत से आरोपी की जमानत करा ली। इसकी जानकारी जब निर्दोष शख्स को हुई तो उसने सदर कोतवाली में जानकारी देकर तहरीर दी। मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। अचलगंज तहसील क्षेत्र के रिठनई गांव निवासी संजय कुमार पुत्र स्वर्गीय गिरजाशंकर के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम से नगर मजिस्ट्रेट उन्नाव के न्यायालय में गुफरान पुत्र इकबाल निवासी काशीराम कॉलोनी की जमानत ली गई है। संजय कुमार का स्पष्ट कहना है कि वे न तो गुफरान को जानते हैं और न ही उन्होंने कभी उसकी जमानत ली है।
यही नहीं, इस पूरे फर्जीवाड़े में उनके चचेरे भाई राजकुमार पुत्र देवी प्रसाद शुक्ला के नाम का भी इस्तेमाल किया गया। राजकुमार के नाम से भी जमानत दाखिल किए जाने की बात सामने आई है, जबकि परिवार का कहना है कि वे भी इस मामले से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। पीड़ित संजय कुमार की तहरीर पर पुलिस ने दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किसने और कैसे फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए। सत्यापन प्रणाली पर सवाल खड़े:इस घटना ने न सिर्फ प्रशासनिक न्यायिक प्रक्रिया सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम नागरिकों की पहचान के दुरुपयोग का गंभीर खतरा भी उजागर किया है। आखिर बिना सही पहचान के कोई व्यक्ति किसी अन्य के नाम पर जमानत कैसे ले सकता है। यह जांच का अहम विषय बन गया है।
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