24 घंटे के अंदर दोबारा आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का कहर

Newswrap हिन्दुस्तान, उन्नाव
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Unnao News - उन्नाव में 24 घंटे के भीतर फिर से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत को मिनटों में बर्बाद कर दिया। गेहूं, मक्का और उरद की फसलें पूरी तरह से प्रभावित हुई हैं। किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि आम के टिकोले भी गिर गए हैं। मौसम की खराबी से उनकी आर्थिक स्थिति संकट में है।

24 घंटे के अंदर दोबारा आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का कहर

उन्नाव। संवाददाता जनपद में 24 घंटे के अंदर दोबारा आंध, बारिश और ओलावृष्टि का कहर बरपा। किसानों की महीनों की मेहनत मिनटों में तबाह हो गई। दैवीय आपदा ने खेतों में खड़ी फसलों को जमींदोज कर दिया। कटाई के करीब पहुंच चुकी गेहूं, मक्का और उरद की फसलें बर्बाद हो गईं। वहीं, आम के टिकोले भी झड़ गए।बुधवार शाम तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने बांगरमऊ क्षेत्र के संडीला मार्ग स्थित ग्राम मटुकरी, रानीपुर ग्रंट, अरगूपुर और तमोरिया बुजुर्ग सहित आसपास के गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में खड़ी मक्का और उरद की फसलें ओलों की मार से जमीन पर बिछ गईं।

गांव के किसान महेंद्र कुशवाहा, सुशील बाजपेई, बलराम त्रिवेदी, मनोज बाजपेई, रजनीश, असगर अली, प्रमोद और इनाम रसूल ने बताया कि ओलावृष्टि भले ही थोड़ी देर की थी, लेकिन उसने सबसे ज्यादा नुकसान मक्का और उरद को पहुंचाया। तेज हवा से फसलें झुक गईं और दानेदार फसलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के बिल्कुल करीब थी, ऐसे में इस आपदा ने उनकी आर्थिक स्थिति को संकट में डाल दिया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है। गंजमुरादाबाद क्षेत्र के किसानों ने कहा कि पिछले कई दिनों से मौसम खराब बना हुआ है। लगातार आ रही बौछार और तेज हवाओं ने नींद उड़ा दी। शाम आई तेज बारिश और हवा से कई खेतों में गेहूं की फसल धराशाई हो गई, जबकि कटी हुई फसल खेतों में बिखर गई। अगेती मक्का भी कई जगह गिर गई है। इसके अलावा सरसों और गंगा रेती क्षेत्र में उगाई जाने वाली ककड़ी, खीरा, लौकी, तोरई, कद्दू और तरबूज जैसी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।गेहूं के साथ आम की फसल पर भी दोहरी मारगेहूं की फसल बर्बाद होने के साथ-साथ आम के टिकोले भी बड़ी संख्या में गिर गए। संदाना, आदमपुर भाषी, आजमा खेड़ा, नई सराय, जगदीशपुर और पामेधिया सहित कई गांवों में किसानों का कहना है कि करीब 50 प्रतिशत आम की फसल नष्ट हो गई है। इससे बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। हसनगंज तहसील के नवई, ओहरापुर कौड़िया, झलोतर, धोपा, लखनापुर, जमालपुर मढ़ी और कोरारा सहित कई गांवों में तेज आंधी और ओलावृष्टि ने तैयार खड़ी गेहूं की फसल को गिरा दिया।

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