
मरम्मत के तीसरे दिन ही हाथ से उखड़ने लगी सड़क
Unnao News - अचलगंज में बारिश के बाद सड़क मरम्मत में लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत सामने आई है। घटिया डामर डालने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया और सड़क का पैचवर्क तीन दिन में उखड़ गया। विभाग ने जांच के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अचलगंज। बारिश में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के नाम पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और ठेकेदार की मिलीभगत उजागर हो गई। उन्नाव-लालगंज मार्ग से जुड़े मवैया माफी से बेथर के संपर्क मार्ग पर किया गया पैचवर्क तीन दिन भी नहीं टिका। नाराज ग्रामीणों ने मिट्टी पर डाली गई घटिया डामर और डामर की परत खुद उखाड़ दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सड़क की सतह की सफाई तक नहीं की गई। डामर सीधे मिट्टी पर डाला गया और गुणवत्ता पूरी तरह घटिया थी। हालांकि, आपका अपना अखबार हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारी पूरी तरह बेपरवाह थे और किसी ने मौके पर निरीक्षण तक नहीं किया। वहीं, जिम्मेदार अब कार्यदाई संस्था के ठेकेदार पर सख्त कार्यवाई करने की बात कर रहे हैं। बारिश के दौरान जनपद के कई मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने इन मार्गों की मरम्मत कराने के लिए सर्वे किया था, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसमें मवैया माफी से बेथर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी शामिल है। बीते दिनों लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग का पैच वर्क शुरू कराया था। इसके बाद से ही ग्रामीण कार्यदाई संस्था पर मानक विहीन कार्य करने के आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, शुक्रवार को जब पैच वर्क का कार्य किया जा रहा था तो उन्होंने मौके पर जाकर खराब गुणवत्ता को लेकर विरोध दर्ज कराया था। हालांकि, यहां मौजूद ठेकेदार और उनकी टीम ने उनकी एक एक न सुनी और मिट्टी पर सीधा गिट्टी डामर डालते रहे। तीन दिन बाद रविवार को कई जगह से पैचवर्क उखड़ने लगा। गांव के कपिल शुक्ला ने बताया कि शासन की गाइडलाइंस के मुताबिक पैचवर्क से पहले सड़क की सतह की सफाई, जल निकासी और उचित तापमान पर गिट्टी मिश्रण डालना शामिल है। हालांकि, इन मानकों का पालन न तो कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने किया और न ही किसी पर्यवेक्षण अधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण करना उचित समझा। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड एक्सईएन हरदयाल अहिरवार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, संबंधित क्षेत्र के जेई से रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्यदाई संस्था को ब्लैकलिस्ट करने के साथ भुगतान रोकने संबंधी कार्यवाई की जाएगी। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग वायरल वीडियो के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। विभागीय आदेश के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार संस्था और अभियंताओं पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। ग्रामीण राजकुमार के मुताबिक, जब जनता ही जांच का सबूत दे रही है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई कब होगी। फिलहाल, ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि क्या इस बार ‘पैचवर्क ’ में हुआ भ्रष्टाचार वास्तव में उजागर होगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा। -- यह है मानक -पैचवर्क से पहले सड़क की ऊपरी मिट्टी हटाना आवश्यक है। -डामर को 110 से 120 डिग्री तापमान पर इस्तेमाल करना चाहिए। -कार्य पूरा होने के बाद तकनीकी अधिकारी द्वारा जांच जरूरी। -पैचवर्क के बाद ठेकेदार को कम से कम 6 महीने की मेंटेनेंस जिम्मेदारी। -

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