आरोग्य मेले में समय से पहुंचे डॉक्टर व कर्मी
Unnao News - उन्नाव में स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की लेटलतीफी रोकने के लिए लाइव जीपीएस लोकेशन भेजने का निर्देश दिया। रविवार को 1690 मरीजों को निःशुल्क जांच और दवाइयाँ प्रदान की गईं। यह नई तकनीक डॉक्टरों की उपस्थिति को सुनिश्चित करेगी और मरीजों की संख्या बढ़ाएगी।

उन्नाव। डॉक्टरों और कर्मचारियों की लेटलतीफी रोकने के लिए लाइव लोकेशन भेजने के निर्देश जारी करने के बाद रविवार को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में चिकित्सक समय पर पहुंचे। इस दौरान 1690 मरीजों को निःशुल्क जांच और दवाइयाँ प्रदान की गईं। डॉक्टर और कर्मचारियों को समय पर अस्पताल में देखकर मरीजों ने भी राहत की सांस ली। आरोग्य मेले को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को अपने मोबाइल से लाइव जीपीएस लोकेशन भेजनी अनिवार्य कर दी है। रविवार को इसकी पहली परीक्षा हुई और नतीजे शानदार रहे। जनपद के सभी 18 सीएचसी में डॉक्टर सुबह नौ बजे से ही हाजिर मिले।
परिणामस्वरूप 1690 मरीजों को निःशुल्क परामर्श, जांच व दवाएं प्रदान की गईं। बताते चलें कि पूर्व में आरोग्य मेले में डॉक्टरों की देरी से ग्रामीण मरीजों को भारी परेशानी होती थी। बिना डॉक्टर के मेले में केवल स्टाफ उपस्थित रहता, जिससे मरीज लौट जाते या घंटों इंतजार करते। लेकिन अब लाइव लोकेशन ट्रैकिंग से विभागीय अधिकारी डॉक्टर व कर्मियों की रीयल टाइम में निगरानी कर रहे हैं। लोकेशन न भेजने पर वेतन रोकने की चेतावनी भी दी गई है। हालांकि, कुछ डॉक्टरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या बताई, लेकिन विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीकी हस्तक्षेप न केवल उपस्थिति सुनिश्चित करेगा, बल्कि मरीजों की संख्या भी बढ़ाएगा। - कोट सभी चिकित्सकों को समय से आरोग्य मेले में पहुंचकर लाइव लोकेशन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।निर्देशों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्यवाई की जाएगी। डॉ. एचएन प्रसाद, प्रभारी सीएमओ - आरोग्य मेले में 1690 मरीजों को राहत रविवार को जनपद के 48 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर आयोजित आरोग्य मेले में 1690 मरीजों ने निःशुल्क जांच व दवा का लाभ उठाया। कोविड हेल्प डेस्क पर 198 मरीजों की जांच हुई, लेकिन कोई एंटीजन टेस्ट नहीं करना पड़ा।इसदौरान फंगल इंफेक्शन से पीड़ित 270 त्वचा रोगी मेले में पहुंचे। वहीं बुखार के 270 व पेट संबंधी रोगों के 175 मरीजों को दवाएं व सलाह दी गई। स्वांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे 173 मरीजों को राहत मिली। शुगर के 94, बीपी के 76 व नेत्र रोगों के 45 मरीजों की जांच विशेषज्ञों ने की। मलेरिया जांच 68 हुई, सभी नेगेटिव आए। लिवर रोगी 32, टीबी के 21 व एनीमिया के 33 मरीजों को प्राथमिक उपचार मिला। एएनसी (गर्भवती) 44 व कुपोषित बच्चों के दो बच्चों की जांच कीगई। टोबैको कंसल्टेशन में 119 लोगों ने भाग लिया, जहां धूम्रपान छुड़ाने की सलाह दी गई। अन्य रोगों से 474 मरीज प्रभावित मिले। हालांकि किसी भी मरीज को रेफर नहीं करना पड़ा।

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