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उन्नाव

बच्चों-बड़ों को जकड़ रहा बुखार,इलाज के इंतजाम नहीं

हिन्दुस्तान टीम,उन्नावPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 05:00 AM
उन्नाव। संवाददाता
 
 कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से ठीक पहले बुखार के मरीज
1 / 2उन्नाव। संवाददाता कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से ठीक पहले बुखार के मरीज
उन्नाव। संवाददाता
 
 कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से ठीक पहले बुखार के मरीज
2 / 2उन्नाव। संवाददाता कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से ठीक पहले बुखार के मरीज

उन्नाव। संवाददाता

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से ठीक पहले बुखार के मरीज बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। बच्चों से लेकर बड़ों में बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर सीएचसी और पीएचसी में बुखार के मरीजों की मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू आदि की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि पर्याप्त मात्रा में जांच के संसाधन न उपलब्ध होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में जांच न होने से मरीजों को प्राइवेट लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। जहां उनका आर्थिक शोषण हो रहा है।

बिना जांच के लौट गए सौ से अधिक मरीज

उन्नाव। मौसम के उतार चढ़ाव के साथ संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। सबसे अधिक खतरा डेंगू और मलेरिया ने बढ़ा दिया है। जिला अस्पताल में आने वाले बुखार के मरीजों को चिकित्सक खून की जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि भीड़ अधिक होने से सभी मरीजों की जांच नहीं हो पाती। मंगलवार को जिला अस्पताल में दोपहर 11 बजे तक ही सैंपल लिए गए। इससे सौ से अधिक मरीजों को बिना जांच के लौटना पड़ा।

वायरल फीवर के मरीज बढ़े

असोहा। मौसम का मिजाज बदलते ही वायरल फीवर के मरीज बढ़ने लगे हैं। मंगलवार को अस्पताल में सौ से अधिक मरीज पहुंचे। डॉ. रेणु यादव ने बताया कि मौसम के बदले मिजाज का असर दिखने लगा है। इस मौसम मे बुखार, खांसी के साथ लोगों के शरीर में जकड़न , ऐंठन की शिकायत है। मलेरिया की संभावना पर रैपिड किट से जांच कराई जा रही है।

बुखार के मरीजों की बढ़ी संख्या

हसनगंज। स्वास्थ्य केंद्र में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मंगलवार को ओपीडी में 60 मरीजों का पंजीकरण हुआ। जिसमें बुखार के 36 मरीज थे। प्रभारी डॉक्टर दिनेश ने बताया कि अभी गंभीर बुखार के कोई मरीज नहीं आये हैं। स्वास्थ केंद्र में वैक्सीन लगवाने वालो की भीड़ अधिक आ रही है।

हर गांव में बढ़ रहे हैं बुखार के मरीज

अचलगंज। मौसम के उतार चढ़ाव के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। हर गांव में लोग बुखार की चपेट में हैं।

अचलगंज सीएससी प्रभारी डॉ. मनीष बाजपेयी ने बताया कि हर रोज सौ से अधिक लोग सर्दी जुखाम बुखार के आ रहे हैं। डॉ. सौरभ सचान ने बताया कि तेज धूप और गर्मी से आंखों में जलन व त्वचा रोग के मरीज भी बढ़े हैं। इस समय बचाव की जरूरत है जलभराव गन्दगी से मच्छरों के प्रकोप बढ़ा है। इसलिए लोगों को कूलर का पानी निकाल देना चाहिए।

प्राइवेट अस्पतालों में भी बढ़ रहे मरीज

शहर के प्राइवेट अस्पतालों में भी बुखार के मरीजो की संख्या बढ़ रही है। प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या पहले से ज्यादा है। हालांकि इनमें कोरोना के मामले सामने नहीं आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार सीजनल बुखार है। इन दिनों के सीजन में हर साल बुखार के मरीजों की संख्या खासी बढ़ जाती है। बच्चों में बुखार के मामले इन दिनों बढ़े हुए हैं।

बीमार लोगों का जुटाएंगे आंकड़ा

1 से 10 सितंबर तक जिले में डोर टु डोर सर्वे किया जाएगा। इस सर्वे में घरों में बीमार लोगों का आंकड़ा और संबंधित घर में कितने लोगों ने वैक्सीन की कौन सी डोज ली है, यह सब आंकड़ा इकट्ठा किया जाएगा। साथ ही बुखार के मरीज मिलने पर उनकी मलेरिया, डेंगू टाइफाइड आदि की जांच होगी।

कोट

मौसम बदलने से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिन क्षेत्रों में बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं वहां स्लाइड बनवाई जा रही हैं। सभी सीएचसी और पीएचसी पर मलेरिया और डेंगू की जांच के इंतजाम उपलब्ध हैं।

डॉ. सत्यप्रकाश, सीएमओ

वायरल फीवर के लक्षण

थकान, पूरे शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान बढ़ना, खांसी, जोड़ों में दर्द, दस्त, त्वचा के ऊपर रैशेज होना, सर्दी लगना, गले में दर्द, सिर दर्द, आंखों में लाली तथा जलन रहना। उल्टी और दस्त का होना।

लक्षण कोविड जैसे

वायरल में मरीजों को तेज बुखार के साथ बदन दर्द हो रहा है। ओपीडी में पहुंच रहे हर दूसरे या तीसरे मरीज में यह लक्षण मिले हैं। उनके गले में खराश भी है। इसके लक्षण कोविड जैसे हैं, इसलिए लोग घबरा कर जांच कराते हैं। लेकिन जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती है। इसमें कुछ मरीजों के शरीर पर चकत्ते व खुजली के भी लक्षण मिलते हैं। परिवार में मरीजों के संपर्क में आने वाले दूसरे लोगों में भी यह बीमारी होने का खतरा है।

टाइफाइड के मरीज भी बढ़े

वायरल फीवर की चपेट में आने वाले मरीजों का पांच दिन बाद बुखार ठीक न होने पर टॉयफाइड होने का खतरा भी ज्यादा बना हुआ है। अस्पताल के पैथोलॉजी की पिछले तीन माह के आकड़ें देखें तो इन दिनों सौ वायरल फीवर वाले मरीजों की ब्लड जांच में 30 मरीजों की रिपोर्ट टाइफाइड की आ रही है।

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