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प्रधानों के घरों में जंग खा रहे लाखों के ई-रिक्शा

प्रधानों के घरों में जंग खा रहे लाखों के ई-रिक्शा

संक्षेप:

Unnao News - फोटो- प्रधानों के घरों में जंग खा रहे लाखों के ई-रिक्शाप्रधानों के घरों में जंग खा रहे लाखों के ई-रिक्शाप्रधानों के घरों में जंग खा रहे लाखों के ई-रि

Dec 11, 2025 12:37 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, उन्नाव
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मोहान। संवाददाता। हसनगंज ब्लॉक में कूड़ा उठाने के लिए 86 लाख 70 हजार रुपये की लागत से खरीदे गए ई-रिक्शा अब अपने असली काम से दूर, प्रधानों के घरों में खड़े होकर जंग खा रहे हैं। इनके बजाय कुछ ई-रिक्शा पशुओं के चारे और अन्य गैर-जरूरी कामों में इस्तेमाल हो रहे हैं। हसनगंज ब्लॉक में 86 लाख 70 हजार की लागत से गांव में कूड़ा ढोने के लिए खरीदे गए ई-रिक्शा अब पशुओं को चारा लाने व कई में उपयोग लाए जा रहे हैं। वहीं, अधिकतर ई-रिक्शा कूड़ा ढोने के बजाय प्रधान के घरों में खड़े होकर जंग खा रहे हैं, जबकि गांव का कूड़ा आरआरसी सेंटर तक पहुंचने के लिए ब्लॉक के 81 ग्राम पंचायत में वर्ष 2023-24 में प्रति 1 लाख 70 हजार की कीमत से खरीदे गए थे।

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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, इनकी खरीद पर 86 लाख 70 हजार खर्च किए गए थे। तमाम ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा प्रधानों के घर में जंग खा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी निशा सागर विश्वकर्मा ने बताया कि हर ग्राम पंचायत में कूड़ा ढोने के लिए सफाई कर्मी की ड्यूटी लगाई गई है, जो हर घर से कूड़ा लेकर आर आरसी सेंटर में डालेंगे यदि कहीं लापरवाही होती है तो कार्रवाई की जाएगी। 30 ग्राम पंचायतो में नहीं पहुंचे ई रिक्शा एडीओ पंचायत सुशील कुमार ने बताया की 81 ग्राम पंचायत में आरआरसी सेंटर बनाए जा चुके हैं। वहीं, 51 ग्राम पंचायत में ई-रिक्शा प्रधानों की देख रेख में उपलब्ध करा दिए गए हैं। 30 शेष ग्राम पंचायत बाकी हैं, जिसमें ई-रिक्शा अभी उपलब्ध नहीं हुए हैं। जल्द ही उनमें उपलब्ध करा दिए जाएंगे