
अब जनपद की हर डिलीवरी होगी सुरक्षित, पांच ब्लॉकों में खुलेंगे मदर एंड नियोनेटल यूनिट
Unnao News - उन्नाव में जिला प्रशासन ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को घटाने के लिए नवाबगंज, हसनगंज, बांगरमऊ, पुरवा और सफीपुर में मदर एंड नियोनेटल यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह यूनिट गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करेंगी। यूनिट्स एक महीने में कार्यशील होंगी।
शिव विनीत वाजपेई उन्नाव। जिला प्रशासन ने मातृ व शिशु मृत्यु दर घटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। डीएम गौरांग राठी के निर्देश पर नवाबगंज, हसनगंज, बांगरमऊ, पुरवा और सफीपुर स्थित प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) में मदर एंड नियोनेटल यूनिट (एमएनयू) की स्थापना की जाएगी। इन यूनिट्स में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव व नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधा एक ही स्थान पर मिल सकेगी। मदर एंड नियोनेटल यूनिट (एमएनयू) एक समेकित चिकित्सा सुविधा है, जो प्रसव से पहले, प्रसव के दौरान और प्रसवोत्तर देखभाल के लिए तैयार की जाती है। इस यूनिट में मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी जटिलताओं (जैसे प्रीक्लेम्पसिया, ब्लीडिंग, हाई ब्लड प्रेशर) के मरीजों के लिए आपात चिकित्सा सुविधा होती है।

साथ ही, नवजात शिशुओं को जन्म के बाद सांस लेने में दिक्कत, वजन कम होना या समय से पहले जन्म जैसे मामलों में तत्काल देखभाल मिलती है। इससे माताओं और बच्चों दोनों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। अब जिले की पांचों महत्वपूर्ण एफआरयू पर ऐसे यूनिट तैयार किए जा रहे हैं, जहां गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी से लेकर नवजात की निगरानी तक, सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को हर यूनिट में प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स, नियोनेटोलॉजिस्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मदर एंड नियोनेटल यूनिट में अत्याधुनिक बेड, वार्मर, ऑक्सीजन सपोर्ट, फोटोथैरेपी यूनिट, दवाएं और न्यूबॉर्न रेससिटेशन उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। यूनिट में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के लिए विशेष निगरानी व तत्काल उपचार की सुविधा भी रहेगी, जिससे जिला अस्पताल की निर्भरता काफी हद तक घटेगी। घटेगी मातृ एवं शिशु मृत्यु दर विभागीय जानकारों के अनुसार, जिले में हर साल हजारों प्रसव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर होते हैं, लेकिन जटिल मामलों में महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। रास्ते में देरी के कारण कई बार मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। मदर एंड नियोनेटल यूनिट की स्थापना से यह समस्या काफी हद तक खत्म होगी। हर यूनिट को 24 घंटे संचालित किया जाएगा और गंभीर मरीजों के लिए राउंड-द-क्लॉक निगरानी की सुविधा रहेगी। विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की तैनाती होगी। ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी राहत ग्रामीण व दूरदराज की महिलाएं अक्सर लंबी दूरी तय कर जिला अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई झेलती हैं। अब पांच ब्लॉकों में यूनिट खुलने से उन्हें इलाज के लिए अपने ही क्षेत्र में सुविधा मिलेगी। इससे न सिर्फ समय व खर्च बचेगा बल्कि आपात स्थिति में जान बचाने की संभावना भी बढ़ेगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन यूनिट्स के शुरू होने से संस्थागत प्रसव दर बढ़ेगी और ग्रामीण परिवारों में प्रसव को लेकर भय या असमंजस दूर होगा। एक माह के भीतर शुरू होगी यूनिट डीएम गौरांग राठी ने सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश को एक माह के भीतर यूनिट की स्थापना कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उनका संचालन परीक्षण चरण में लाया जाएगा। उनके मुताबिक अगले वर्ष की शुरुआत तक यह यूनिट्स पूरी तरह से कार्यशील होने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इन यूनिट्स से न केवल सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि स्वास्थ्य प्रणाली पर जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।

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