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1 दिसंबर, 2020|7:24|IST

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मिट्टी के दीयों के बजाए चाइनीज झालरों का बाजार पर कब्जा

मिट्टी के दीयों के बजाए चाइनीज झालरों का बाजार पर कब्जा

1 / 2मिट्टी के दीयों के बजाए चाइनीज झालरों का बाजार पर कब्जा

मिट्टी के दीयों के बजाए चाइनीज झालरों का बाजार पर कब्जा

2 / 2मिट्टी के दीयों के बजाए चाइनीज झालरों का बाजार पर कब्जा

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नवंबर माह के शुरू होते ही उत्सवों की भरमार आ गई है। कोरोना संक्रमण के चलते जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई कारोबारियों का धंधा मंदा नजर आ रहा है। उधर, कुम्हारों के दीयों के बजाए बाजारों में स्थित इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर पर्वो से पहले चाइनीज झालरों ने कब्जा कर रखा है। दुकानदारों की मानें तो संक्रमण के बचाव के चलते मेलों के स्थगित होने से बाजारों में इस बार ग्राहक ही नहीं आ रहे हैं। जिसकी वजह से कारोबार अभी पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। विरोध के बाद भी जिले में पर्वो से पहले चाइनीज वस्तुओं की जमकर आमद हो चुकी है।

कोरोना संक्रमण के बचाव के चलते जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक चल रही रामलीलाओं के समाप्त होने बाद लगने वाले मेले इस बार स्थगित कर दिए गए हैं। जिसकी वजह से ज्यादातर कारोबार भी मंदा चल रहा है। पर्वों के मद्देनजर बाजार में सड़क पर कुम्हारों से करवा के साथ ही मिट्टी के दियों की दुकान सजा रखी है। मगर दीयों की बिक्री कम होने से प्रजापति समुदाय के लोग खासे परेशान हैं। उधर, चाइनीज वस्तुओं का विरोध होने के बाद भी इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार पर बिक्री के लिए चाइनीज झालरों से लेकर दीए और मोमबत्तियों ने कब्जा कर रखा है। पर्वों से पहले रात में इलेक्ट्रॉनिक दुकानें रंग बिरंगी झालरों से जगमगानी शुरू हो गई है। मगर शहर में मेला स्थगित होने से ग्रामीण क्षेत्रों से लोग भी नहीं आ रहे हैं। जिससे बाजार तक ग्राहकों न पहुंचने से कारोबारियों की बिक्री पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है।

पिछले साल की अपेक्षा महंगी बिक रही चाइनीज झालरें

बाजार में मिट्टी के दीयों की कीमत 25 से 35 रुपए सैकड़ा बिक्री की जा रही है। मिट्टी कारीगर दीपक प्रजापति ने बताया कि इस बार बाजार में रंग बिरंगे दीए भी बिक्री के लिए मौजूद रहेंगे। मगर अभी तक बिक्री न के बराबर हैं। उधर, बाजार में रंग बिरंगी झालरों के दाम पिछले साल की अपेक्षा इस बार 30 से 40 रुपए महंगे दाम पर बिक्री की जा रही है। जिसमें चार मीटर का पट्टा झालर की कीमत दो सौ रुपए, राइस जेल दस मीटर पच्चीस रुपए और पांच मीटर की बीस रुपए तथा लाइटिंग मोमबत्ती व दीपक पच्चीस एलईडी की सौ रुपए में बिक्री की जा रही है। दुकानदारों के मुताबिक मेला स्थगित होने से दुकान पर ग्राहक ही नहीं आ रहे हैं।

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  • Web Title:Chinese occupants occupy the market instead of clay lamps