
अड़चनें: जमीन एक जगह नहीं, हाईटेंशन लाइन बनी बड़ी बाधा
Unnao News - सोनिक में प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 230 हेक्टेयर में बनने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित की गई है, लेकिन तकनीकी बाधाएं जैसे हाईटेंशन लाइन और भूमि अधिग्रहण में दिक्कतें सामने आ रही हैं। प्रशासन ने वैकल्पिक स्थानों का निरीक्षण किया है, लेकिन निर्माण की प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है।
सोनिक। जनपद में प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर का सपना जमीन पर उतरने से पहले ही कई अड़चनों में फंसता नजर आ रहा है। 230 हेक्टेयर में बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जमीन तो चिन्हित कर ली गई है, लेकिन वह एक जगह एक साथ उपलब्ध न होने और हाईटेंशन लाइन जैसी तकनीकी बाधाओं ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के लिए प्रशासन ने सदर तहसील क्षेत्र के मुर्तजानगर, सरांय कटियार और ओरहर गांवों में जमीन चिन्हित की है। मुर्तजानगर में 19 हेक्टेयर, सरांय कटियार में 61 हेक्टेयर और ओरहर में 150 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध है।
कुल मिलाकर मांग के अनुरूप जमीन मौजूद है, लेकिन यह जमीन एक ही स्थान पर एक साथ नहीं मिल पा रही, जिससे निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। बुधवार को यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) और सदर तहसील की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्वे किया। सर्वे के दौरान सामने आया कि चिन्हित कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, वहीं कुछ जगहों पर सर्किल रेट अधिक होने से भी भूमि अधिग्रहण में परेशानी आ रही है। इन बाधाओं के चलते टीम ने विकल्प के तौर पर सुनैता और मैता ग्राम पंचायत में जमीन का निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक, इन दोनों स्थानों पर डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण में किसी तरह की बड़ी रुकावट सामने नहीं है। यहां परियोजना के लिए रास्ता साफ नजर आ रहा है। हालांकि, प्रशासन अभी यह स्पष्ट नहीं कर रहा है कि कॉरिडोर का निर्माण पहले से चिन्हित जमीन पर होगा या फिर नए स्थान पर। उपजिलाधिकारी सदर तहसील क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि अभी केवल जमीन का निरीक्षण किया गया है। पुरानी जमीन पर निर्माण नहीं होगा, ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी। हाईटेंशन लाइन जैसी अड़चनों पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। भले ही जमीन के फेरबदल और तकनीकी कारणों से परियोजना में थोड़ी देरी हो, लेकिन डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण उन्नाव में होना तय है। इस कॉरिडोर में गोला-बारूद, ड्रोन, मशीन गन, बुलेट और बुलेटप्रूफ जैकेट जैसे रक्षा उपकरणों से जुड़े उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इससे न सिर्फ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा, बल्कि देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




