Unnao Sant Murder: संत हत्याकांड पर बवाल, हाइवे पर शव रखकर रोका ट्रैफिक; पुलिस के फूले हाथ-पांव
उन्नाव में दिनदहाड़े संत की हत्या से क्षेत्र में आक्रोश पनप गया। आक्रोशित लोगों ने हरदोई-उन्नाव मुख्य मार्ग जुट गए। बीचों-बीच शव रखकर ट्रैफिक रोक दिया। इससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों के पहिए जहां के तहां थम गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को संभाला।

Unnao Sant Murder: यूपी के उन्नाव में दिनदहाड़े संत की हत्या से क्षेत्र में आक्रोश पनप गया। आक्रोशित हरदोई-उन्नाव मुख्य मार्ग जुट गए। बीचों-बीच शव रखकर ट्रैफिक रोक दिया। इससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों के पहिए जहां के तहां थम गए। करीब पांच सौ मीटर लंबा जाम लग गया। आक्रोश सड़क तक पहुंचे की जानकारी पर पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना पर पहुंचे अफसरों ने किसी तरह आक्रोशितों को समझा-बुझाकर शांत कराया। बताया कि तीन आरोपित शफी, यामीन और लल्ली को हिरासत में ले लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। अन्य नामजद की तलाश में टीमें लगी हैं। जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।
दोपहर करीब एक बजे संत की हत्या हुई। जानकारी पर घरवाले सीएचसी बांगरमऊ पहुंचे। इधर, दिनदहाड़े वारदात की सूचना क्षेत्र में जंगल की आग की तरफ फैल गई। देखते ही देखते भीड़ सीएचसी में जुट गई। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कोशिश की तो आक्रोशितों ने रोक दिया। दोपहर करीब तीन बजे शव लेकर सीएचसी गेट के बाहर चले आए। गेट के बाहर बांगरमऊ-हरदोई मुख्य मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे मुख्य मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। लोगों का आक्रोश देख पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
बांगरमऊ सीओ और कोतवाली इंस्पेक्टर ने हत्या में शामिल आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी से मुख्य मार्ग से हटने और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने देने की अपील की। पर आक्रोशित नहीं माने। जब बताया कि नामजद में तीन आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है, तब लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
एसपी भी पहुंचे
घटना की जानकारी और माहौल तनावपूर्ण होने की जानकारी पर एसपी जय प्रकाश सिंह भी बांगरमऊ पहुंचे। उन्होंने कोतवाली में सीओ संतोष सिंह व इंस्पेक्टर अखिलेश चंद पांडेय से घटना को लेकर बारीकी से जानकारी ली। घटना खुलासे की रूपरेखा तय की।
क्या है मामला
दरअसल, मस्जिद के पास मंदिर बनवा रहे संत की मंगलवार दोपहर सभासद अतीक के अहाते में ताबड़तोड़ चाकू घोपकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपित भाग निकले। पुलिस ने मामले में पांच नामजद और दो से तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। नामजद में चार मुस्लिम युवक शामिल हैं।
आपसी मनमुटाव सुलझाने में रहती थी अहम भूमिका
जानकारी के मुताबिक मिश्रित आबादी होने से संत का दूसरे वर्ग के लोगों के साथ उठना-बैठना था। बताया गया कि कई बार संत ने दूसरे वर्ग के आए पारिवारिक विवादों में सुलह कराने में अहम भूमिका भी अदा की। यह बात भी दूसरे वर्ग के लोगों में घर कर गई थी। निजी मसलों में संत की भूमिका को लेकर अंदरखाने में विरोध था। ऐसी चर्चाएं भी आम हैं।
पुलिस बोली, नशेडियों का लगता था जमघट
सीओ संतोष कुमार सिंह और कोतवाली इंस्पेक्टर अखिलेश चंद पांडेय ने बताया कि मिलन दास गांजा आदि पीते थे। ऐसे में उनके पास नशेड़ियों का जमघट भी रहता था। आशंका जताते हुए बताया कि अहाते में मिलनदास के साथ नशेड़ी जुटे होंगे। उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और यह घटना हो गई।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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