यूपी में OTS के तहत गाड़ियों के पुराने बकाये पर दी जाएगी 35 प्रतिशत छूट, पेनाल्टी पूरी तरह माफ
यूपी में OTS के तहत गाड़ियों के पुराने बकाये पर 35 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इसके साथ ही पेनाल्टी में 100 प्रतिशत की छूट प्रदान किए जाने का निर्णय किया है। योगी कैबिनेट मीटिंग में फैसला हुआ है।

UP News: उत्तर प्रदेश में हल्के व्यावसायिक वाहनों पर 1,852.96 करोड़ रुपये बकाया की वसूली न होने पर परिवहन विभाग ने पुराने बकाया पर 35 प्रतिशत की छूट दिए जाने के साथ ही पेनाल्टी में 100 प्रतिशत की छूट प्रदान किए जाने का निर्णय किया है। कैबिनेट ने एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 30 जनवरी को जारी अधिसूचना में संशोधन कर यह छूट प्रदान की जाएगी। प्रस्तावित एकमुश्त समाधान योजना अधिसूचना जारी होने की तिथि से केवल दो माह के लिए वैद्य होगी।
प्रदेश में इस वर्ष 30 जनवरी से 7.5 टन तक के हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए एकबारीय कर (वन टाइम टैक्स) व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश में इस श्रेणी के लगभग 29.15 लाख वाहन हैं, जिनमें 8.48 लाख वाहनों पर 1,852.96 करोड़ रुपये बकाया है। इस राशि में 1073.47 करोड़ रुपये मूल और 779.5 करोड़ रुपये पेनाल्टी के हैं। परिवहन विभाग ने बकाया वसूली के लिए विभिन्न श्रेणी के व्यावसायिक वाहनों के लिए 2023-24 में और 2024-25 में एकमुश्त शास्ति समाधान योजनाएं लागू की थीं पर बकाया वूसली की धनराशि काफी कम रही। अब बकाया वसूली के लिए नई पहल की गई है। जिसके तहत बकाया राशि पर 35 प्रतिशत की छूट देने के साथ ही पेनाल्टी पूरी तरह से मुक्त कर दी गई है।
आगरा, बरेली व प्रयागराज के समग्र/समुचित विकास के लिए पहली किश्त अवमुक्त करने को मंजूरी
इसके साथ ही योगी कैबिनेट ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण व नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत शहरों के समग्र एवं समुचित विकास के लिए आगरा, बरेली और प्रयागराज के लिए पहली किश्त के रूप में 225 करोड़ रुपये मंजूर कर राशि अवमुक्त करने की अनुमति प्रदान कर दी है। योजना के तहत भूमि अर्जन में आने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार द्वारा सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए दिए जाने का प्रावधान है। संबंधित प्रकरण में सीड कैपिटल की अधिकतम राशि 355.06 करोड़ रुपये अनुमन्य किए गए हैं, जिसमें से पहली किश्त के रूप में 225 करोड़ रुपये वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि अवमुक्त करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति दे दी है। नए शहरों के समग्र एवं समुचित विकास मद में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
झांसी में निजी संस्था संग गो आश्रय स्थल के लिए एमओयू को मंजूरी
कैबिनेट ने झांसी के मोठ तहसील में गो आश्रय स्थल तथा पशुचिकित्सालय की स्थापना के लिए निजी संस्था ‘दया भावना फाउण्डेशन सोनागिरी’ को पशुपालन विभाग की 5 एकड़ भूमि दिए जाने के लिए एमओयू के लिए मंजूरी दे दी है। यह संस्था निर्धारित की गई भूमि पर गो आश्रय स्थल की स्थापना करेगी और बुन्देलखण्ड में हाईवे या अन्य स्थलों पर वाहन आदि से दुर्घटनाग्रस्त घायल पशुओं के इलाज के लिए पशुचिकित्सालय भी बनाएगी। पशुचिकित्सालय में पशुओं का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। संस्था द्वारा पशु चिकित्सालय से इतर शेष भूमि पर निराश्रित पशुओं के लिए गोशाला का निर्माण किया जाएगा। साथ ही बची भूमि पर हरे चारे का उत्पादन किया जाएगा। संस्था को दी जाने वाली भूमि पर पशुपालन विभाग का स्वामित्व बना रहेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल्द ही संबंधित संस्था, पशुपालन विभाग एवं जिला प्रशासन के बीच एमओयू (समझौते) पर हस्ताक्षर हो सकेंगे।
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लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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