
धान खरीद में फर्जीवाड़ा, गलत सत्यापन कर बिचौलियों को पहुंचा रहे थे लाभ, 2 लेखपालों पर गिरी गाज
शाहजहांपुर में धान खरीद में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जहां अपर जिलाधिकारी ने दो लेखपालों को निलंबित कर दिया है। वहीं फर्जी सत्यापन कराने वाले बिचौलियों के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में धान खरीद में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जहां अपर जिलाधिकारी ने दो लेखपालों को निलंबित कर दिया है। वहीं फर्जी सत्यापन कराने वाले बिचौलियों के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उधर, प्रशासन के इस एक्शन के बाद महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्रा ने बुधवार को बताया कि तहसील पुवायां तथा तिलहर में फर्जी तरीके से जिन्होंने धान की फसल नहीं लगाई थी उनकी फसल का सत्यापन कर दिया गया जिसके बाद उन्होंने बाजार से धान खरीद कर धान केंद्रों पर भेज दिया। लगातार शिकायत मिलने पर उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराई। उन्हें शिकायत मिली थी कि तिलहर तथा पुवाया में दो लेखपालों ने बिना जांच किए मांग पत्र के आधार पर किसानों द्वारा लगाई गई धान की फसल का फर्जी सत्यापन कर दिया जबकि तिलहर में जिसके नाम का सत्यापन किया गया उसके नाम पर जमीन ही नहीं है वहीं, पुवायां तहसील में जिस जमीन में गन्ना बोया गया था वहां धान की फसल दिखाकर सत्यापन किया गया।
अधिकारी के मुताबिक इस मामले में शिकायत के बाद जांच कराई गई और पुवायां के लेखपाल आशीष कुमार तथा तिलहर के अंशु बाजपेई को निलंबित कर दिया गया है वहीं फर्जी सत्यापन करने वाले आरोपियों के विरुद्ध संबंधित थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अपर जिलाधिकारी ने कहा है की शिकायत मिलने एवं उसकी पुष्टि होने के बाद अब उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह धान क्रय केद्रों का प्रतिदिन औचक निरीक्षण करें तथा शाम को उनके व्हाट्सएप पर केंद्र पर उपस्थिति दर्ज कराते हुए नियमित रिपोर्ट भेजें।
थोक किराना व्यापारी के उत्पीड़न में जीएसटी अधिकारी निलंबित
उधर, अक्तूबर महीने में गोरखपुर के थोक किराना कारोबारी के उत्पीड़न के मामले का संज्ञान लेते हुए शासन ने वाराणसी में तैनात रहे सहायक आयुक्त प्रभारी सचल दल शरद चंद्र मिश्रा को निलंबित कर दिया है। पिछले दो दिसम्बर को हुई कार्रवाई से स्थानीय व्यापारी संगठनों से खुशी जाहिर की है।
साहबगंज के थोक किराना का काम करने वाले अवनीश ट्रेडर्स की एक गाड़ी कर्नाटक से गोरखपुर आ रही थी। अक्तूबर में हुई इस घटना के समय व्यापारी के तरफ से ई-इनवॉइस, ई-वे बिल एवं बिल्टी दिखाने के बावजूद अधिकारी ने 1.65 लाख रुपये जमा करा लिए। मामले को चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों के संज्ञान में लाया। संजय सिंघानिया का कहना है कि उच्चाधिकारियों ने सहायक आयुक्त प्रभारी सचल दल को बताया कि कागजात सही है। कार्रवाई का कोई आधार नहीं है। इसके बाद भी अधिकारी ने जुर्माना वसूल लिया।





