
मोदी की काशी में बनेंगे दो इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनस, कल से चलेगा हाईड्रोजन वाला जलयान, किराया तय
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घोषणा की कि वाराणसी में दो इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनस बनाए जाएंगे। इसके लिए जगह चिह्नित हो रही हैं। मैरीटाइम सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से देश का पहला स्वदेशी हाइड्रोजनचालित जलयान (हाइड्रोजन फ्यूल सेल वेसल) को केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शनिवार से यह नियमित रूप से चलाया जाएगा। इसका किराया भी तय कर दिया गया है। यह जलयान वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट से रविदास घाट के बीच दिन में चार चक्कर लगाएगा।

जलयान के लोकार्पण से पहले नमो घाट पर आयोजित समारोह में सर्बानंद सोनोवाल ने घोषणा की कि वाराणसी में दो इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनस बनाए जाएंगे। इसके लिए जगह चिह्नित हो रही हैं। मैरीटाइम सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनेगा। उन्होंने कहा कि इस जलयान से न सिर्फ गैसों का उत्सर्जन कम होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। यह शोर और प्रदूषणरहित है।
उन्होंने कहा कि पहले पांच नेशनल वाटरवेज (राष्ट्रीय जलमार्ग) थे। इनकी संख्या अब 111 हो गई है। इस समय 32 जलमार्गों पर कार्गो ओर यात्री जहाजों का संचालन हो रहा है। वहीं, 13 नेशनल वाटरवेज पर क्रूज चल रहे हैं। नेशनल वाटरवेज-01 पर आधुनिक नेविगेशन कॉरिडोर बनाया गया है। पिछले वर्षों में कार्गो से माल ढुलाई भी तेजी से बढ़ी है।
सूबे के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा कि प्रदेश में जल परिवहन के क्षेत्र में बड़े काम हुए हैं। अन्य परिवहन सेवाओं से जल परिवहन किफायती है। इस मौके पर सूबे के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल और डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार तथा आईडब्ल्यूएआई के चेयरमैन सुनील पालीवाल ने भी विचार रखे। बतौर अतिथि पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह भी मौजूद रहे। जलयान को हरी झंडी दिखाने के बाद उसी से केंद्रीय मंत्री विश्वनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से बाबा का पूजन-अर्चन किया और धाम की छटा निहारी।
काशी शहर ही नहीं, सभ्यता की आत्मा
सर्बानंद सोनोवाल ने अपने सम्बोधन की शुरुआत काशी के महात्म्य से की। उन्होंने कहा कि काशी शहर ही नहीं, बल्कि सभ्यता की आत्मा है। उन्होंने देश में और खासकर वाराणसी में जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी में फ्रेट विलेज कॉरिडोर का निर्माण, मल्टी मॉडल टर्मिनल का विस्तार, शिप रिपेयरिंग सेंटर, कैटामरैन क्रूजों का संचालन जैसे काम जल परिवहन की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
यूपी में 300 करोड़ के प्रोजेक्ट पूरे हुए
केंद्रीय जलमार्ग मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जल परिवहन से जुड़ी 300 करोड़ की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इससे आमजन समेत कारीगर, किसान, व्यापारी और पर्यटक लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। बोले, इन सरकारों ने सिर्फ सत्ता में बने रहने और खानदान को आगे बढ़ाने का ही प्रयास किया।
कल से नियमित संचालन, 800 रुपया किराया
जलयान के संचालन का जिम्मा जलसा क्रूज लाइन को सौंपा गया है। ‘जलसा’ के प्रबंधक विभूति तिवारी ने बताया कि शनिवार से नमो घाट से रविदास घाट तक क्रूज का नियमित संचालन होगा। इसका किराया 800 रुपया प्रति यात्री है। इस दौरान पर्यटक नमो घाट की आरती देखेंगे। यह चार शिफ्टों सुबह 8 बजे और 11 बजे, दोपहर 2 बजे और शाम 5 बजे संचालित होगा।
12 नॉट डाउनस्ट्रीम का, 8 नॉट अपस्ट्रीम की स्पीड
अपस्ट्रीम में रविदास घाट से 20 मिनट में नमो घाट और डाउनस्ट्रीम में नमो घाट से 30 मिनट में रविदास घाट पहुंचेगा। 28 मीटर लम्बे और 5.8 मीटर चौड़ाई वाले क्रूज पर 10 क्रू मेम्बर तैनात होंगे।
जलयान में क्या है खास
- एक बार चार्ज होने पर आठ घंटे चलेगा
- कोच्चि शिपयार्ड में निर्माण पर आई 10 करोड़ लागत
- ब्रिटिश टेक्नोलॉजी के आधार पर भारत में बना क्रूज
- राल्हूपुर स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल पर बना है हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशन
- बैकअप के लिए इलेक्ट्रिक (बैटरी) भी, इंजन में चार सिलेंडर
- हाइड्रोजन फ्यूल सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
- एल्युमीनियम की बॉडी, आरामदेह सीटें, स्टैंडिंग पाइप, हैंडिल लगी हैं।
- सभी निर्धारित सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने से सुरक्षित है क्रूज

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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