रेलवे ट्रैक के लिए खोदे गए गड्ढे में भरा था बारिश का पानी, 2 बच्चों की डूबकर दर्दनाक मौत; परसा मातम
Santkabirnagar News : रेल ट्रैक के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर दो बच्चों की मौत हो गई। गड्ढे में बारिश का पानी भरा था। मारे गए दोनों बच्चे अपने-अपने परिवारों के इकलौते बेटे थे। उनके परिवारों और गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

Santkabirnagar News : उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। जिले के मेंहदावल क्षेत्र के परसा पाण्डेय गांव के पास रेल ट्रैक निर्माण के लिए खोदे गए पानी भरे गहरे गड्ढे में डूबकर शुक्रवार को दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों अपने-अपने परिवारों के इकलौते बेटे थे। दोनों बच्चे अपने एक अन्य साथी के साथ शौच के लिए निकले थे। बच्चों के गड्ढे में डूबने की घटना से वहां चीख-पुकार मच गई। लोग दौड़ते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। उनके परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
खलीलाबाद से बहराइच तक रेलसेवा के लिए ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। उसके लिए गड्ढे खोदे गए हैं। उनमें बारिश का पानी भर गया है। परिजनों के अनुसार धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के महुई निवासी विष्णु का बेटा कुणाल (उम्र 9 साल), कुसौना खुर्द निवासी परविंदर का बेटा प्रभाष (उम्र 7 साल) और हरकुमार का बेटा शुक्रवार दोपहर शौच के लिए घर से निकले थे। दोपहर बाद हरकुमार का बेटा घबराया हुआ घर पहुंचा और बताया कि परसा पाण्डेय गांव के पास गड्ढे में कुणाल और प्रभाष डूब गए हैं। परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो घरों का बुझ गए इकलौते चिराग, गांव की हर आंख हुई नम
प्रभास और कुनाल की असमय मौत ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। दोनों अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। घर में बहनों के बीच वही एकमात्र सहारा और परिवार की उम्मीद थे। हादसे की सूचना मिलते ही दोनों घरों में चीख-पुकार मच गई। मां अपने लालों को सीने से लगाकर बिलखती रहीं, जबकि पिता गहरे सदमे में बदहवास नजर आए। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। यह हृदयविदारक दृश्य देखकर अस्पताल से लेकर गांव तक मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
हादसे की खबर फैलते ही कुसौना खुर्द गांव में सन्नाटा पसर गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर ढांढस बंधाने लगे। अस्पताल और गांव में लोगों की भीड़ देर तक जुटी रही। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि आखिर दो मासूमों की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा। ग्रामीणों ने हादसे के लिए निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि रेलवे लाइन निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे के चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया था।
ऐसे में बच्चों और ग्रामीणों के लिए यह स्थान लगातार खतरा बना हुआ था। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब एक माह पहले निर्धारित सीमा से अधिक मिट्टी की खुदाई किए जाने पर एसडीएम ने इस पर रोक भी लगाई थी। इसके बावजूद मनमाने ढंग से गहरी खुदाई की गई और सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती रही। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते गड्ढे की घेराबंदी कर चेतावनी संकेत लगाए गए होते तो शायद दो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी। अब पूरे गांव में इस दर्दनाक हादसे को लेकर गम के साथ-साथ जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी भी साफ दिखाई दे रही है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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