Hindi NewsUP Newstumhara beta hamare pas hai 40 lakh bhejo After killing the innocent, the criminals kept demanding ransom
तुम्हारा बेटा हमारे पास है, 40 लाख भेजो, मासूम की हत्या के बाद बदमाश मांगते रहे फिरौती

तुम्हारा बेटा हमारे पास है, 40 लाख भेजो, मासूम की हत्या के बाद बदमाश मांगते रहे फिरौती

संक्षेप:

यूपी के चित्रकूट में व्यापारी के बेटे का अपहरण करने के बाद बदमाशों ने फिरौती मांगने से पहले ही मासूम की हत्या कर दी थी। दो मिनट के भीतर दो बार मासूम के पिता को फोन करने के बाद बदमाशों ने मोबाइल से सिम निकालकर फेंक दिया और गायब हो गए थे।

Jan 24, 2026 10:32 am ISTYogesh Yadav चित्रकूट, संवाददाता
share Share
Follow Us on

यूपी के चित्रकूट में कपड़ा कारोबारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष की हत्या और मुख्य आरोपी के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद भी लोगों में दहशत के साथ गुस्सा दिखाई दे रहा है। जांच में पता चला है कि बदमाशों ने फिरौती मांगने से पहले ही मासूम की हत्या कर दी थी। दो मिनट के भीतर दो बार मासूम के पिता अशोक को फोन करने के बाद बदमाशों ने मोबाइल से सिम निकालकर फेंक दिया और गायब हो गए। व्यापारी की सूचना के बाद दो घंटे के भीतर पूरा बरगढ़ कस्बा पुलिस छावनी बन गया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

गुरुवार शाम करीब छह बजे कपड़ा व्यापारी अशोक केशरवानी का 13 वर्षीय बेटा आयुष उर्फ छोटू जब कहीं नजर नहीं आया तो परिजन अपने स्तर से तलाश करते रहे। देर शाम 8:37 और 8:39 बजे दो बार अशोक केसरवानी के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। पहली बार फोन आने पर बात नहीं हो पाई और फोन कट गया। दूसरी बार फोन पर बदमाश बोला- तुम्हारा बेटा मेरे पास है..40 लाख रुपये दो तो बेटा मिलेगा। इसके बाद फिर फोन बंद हो गया। परिजन करीब 10 मिनट तक उसी नंबर को मिलाते रहे। इसके बाद जब बात नहीं हुई तो पुलिस को आयुष के अपहरण की सूचना दी।

ये भी पढ़ें:कारोबारी के मासूम बेटे की फिरौती के लिए हत्या, कुछ घंटे बाद ही बदमाश भी ढेर

आनन-फानन पहुंची पुलिस ने संबंधित नंबर को सर्विलांस पर लगाया और खोजबीन शुरू की। सर्विलांस के जरिए संबंधित फोन नंबर की लोकेशन इलाके में ही मिली। कुछ ही देर में एसपी अरुण कुमार सिंह, एएसपी सत्यपाल सिंह समेत कई सीओ व थानाध्यक्ष मौके पर पहुंच गए। दो घंटे के भीतर बरगढ़ कस्बा पुलिस छावनी बन गया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से आशंका के तौर पर कुछ लोगों के संबंध में जानकारी ली। जिस पर व्यापारी के बड़े बेटे आदित्य केसरवानी ने बगल में रहने वाले इरफान के संबंध में बताया कि वह कई दिनों से छोटे भाई आयुष को लेकर पूछता रहता था। इसके बाद पुलिस ने इरफान की तलाश शुरु की।

आठ माह का किराया और 25 हजार नकद वापस न करने पर हुआ था विवाद

आयुष की हत्या के पीछे फिलहाल आठ माह का बकाया किराया और 25 हजार रुपये नगद वापस न करने का मामला सामने आया है। वारदात को अंजाम देने वाले दोनों बदमाश इसके पहले कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के मकान में ही किराए पर कमरा लेकर अपना कारोबार कर रहे थे। पिछले डेढ़ माह पहले ही व्यापारी ने कमरा खाली कराया था। जिस पर दोनों के बीच मामूली विवाद जैसी बात हुई थी। इसी टीस में दोनों ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दे डाला।

बरगढ़ निवासी अशोक केसरवानी के आवासीय मकान से कुछ दूरी पर दूसरे मकान में इरफान ने किराए का कमरा ले रखा था। इसी में वह बक्शा बनाकर बेचने का कारोबार कर रहा था। करीब ढाई साल तक उसने यहीं पर अपना कारोबार किया। इस बीच व्यापारी और इरफान के बीच अच्छे संबंध बन गए। बताते हैं कि इधर करीब आठ माह से इरफान किराया नहीं दे पाया था। इसके अलावा व्यापारी से कई बार में उधार के तौर पर 25 हजार रुपये भी ले लिए। व्यापारी अशोक ने जब किराया और नकद पैसा मांगा तो विवाद जैसी स्थिति बन गई। फलस्वरूप अशोक ने पिछले 10 दिसंबर को इरफान से कमरा खाली करा लिया। यही टीस इरफान के भीतर बदले की भावना बनकर बैठ गई और वह व्यापारी के बेटे आयुष की हत्या की योजना तैयार करने में जुट गया।

बताते हैं कि कमरा खाली करने के बाद इरफान ने व्यापारी अशोक के आवासीय मकान के बगल में ही केदार केसरवानी के मकान में कमरा लेकर कारोबार शुरू कर दिया था। आवासीय मकान के बगल में आने के बाद इरफान के लिए वारदात को अंजाम देने में और आसानी दिखी। वह योजना के तहत वह अपनी मुहिम में जुट गया। पुलिस के मुताबिक इरफान ने तीन दिन पहले से ही योजना बनानी शुरू कर दी थी। उसने हत्या के बाद शव को दफन करने के इरादे से सीमेंट भी मंगवा लिया था।

एक दिन पहले गुम मोबाइल का फिरौती मांगने में किया इस्तेमाल

आयुष की हत्या करने वाले शातिरों ने बड़े ही शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। व्यापारी से फिरौती मांगने में जिस मोबाइल फोन का शातिरों ने इस्तेमाल किया था, वह बरगढ़ कस्बे के एक व्यक्ति का निकला। यह मोबाइल फोन वारदात के एक दिन पहले ही कहीं गुम हो गया था।

खोजबीन के दौरान रात साढ़े दस बजे तक नजर आए थे शातिर

अपहृत आयुष की तलाश में पुलिस के साथ ही पूरा परिवार जुटा हुआ था। इसी दौरान वारदात को अंजाम देने वाले शातिर शाम को करीब तीन घंटे गायब रहे। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक इरफान और उसका नौकर कल्लू उर्फ साहबे गुरुवार की शाम करीब साढ़े सात बजे दुकान बंद कर कहीं चले गए थे। इसके बाद रात करीब साढ़े दस बजे जब पास ही के सीसीटीवी कैमरे को चेक किया जा रहा था, उस दौरान दोनो पहुंचे थे। लेकिन इनको यहां से जाने को कह दिया गया था। फिर दोनों गायब हो गए। देखा जाए तो शातिर खुद ही इस पर नजर रख रहे थे कि कहीं उन पर कोई शंका तो नहीं कर रहा है, या फिर सीसीटीवी कैमरे में वह लोग तो नजर नहीं आ रहे है।

बाइक चलाने के शौक ने कातिलों के नजदीक पहुंचाया

चित्रकूट। आयुष को बाइक चलाने का शौक था। उसकी यह कमजोरी कातिलों के नजदीक पहुंचाने में एक तरह से सहायक रही। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने सीसीटीवी कैमरे का एक वीडियो उपलब्ध कराया। जिसमें आयुष कातिल कल्लू उर्फ साहबे के साथ बाइक में बैठा नजर आ रहा है। यह वीडियो पुलिस के पास पहुंचने के बाद परिजनों का शक पूरी तरह से यकीन में बदला और कल्लू की तलाश शुरू की गई।