
तौकीर रजा के करीबी नफीस की मुश्किलें बढ़ीं, वक्फ संपत्ति पर कब्जे में पत्नी पर भी एफआईआर
यह रिपोर्ट इज्जतनगर में पीरबहोड़ा निवासी मोहम्मद कमर अख्तर ने दर्ज कराई है। कमर अख्तर का कहना है कि उनकी दादी नन्हो कुजड़ी पत्नी बुद्दा बमनपुरी में वक्फ संपत्ति 26 ए में रहती थीं। इसमें 95 वर्ग गज का एक मकान और पांच दुकानें थीं। एक दुकान में वे स्वयं सब्जी की दुकान रखकर जीवन यापन करती थीं।
आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के करीबी नफीस खां के जेल जाने के बाद वक्फ संपत्तियों पर उसके कब्जे की परतें उधड़नी शुरू हो गई हैं। बमनपुरी में फर्जी दस्तावेजों से एक वक्फ संपत्ति संपत्ति कब्जा करने को लेकर नफीस और उसकी पत्नी फरहत बेगम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

यह रिपोर्ट इज्जतनगर में पीरबहोड़ा निवासी मोहम्मद कमर अख्तर ने दर्ज कराई है। कमर अख्तर का कहना है कि उनकी दादी नन्हो कुजड़ी पत्नी बुद्दा बमनपुरी में वक्फ संपत्ति 26ए में रहती थीं, जिसमें 95 वर्ग गज का मकान और पांच दुकानें थीं। एक दुकान में वे स्वयं सब्जी की दुकान रखकर जीवन यापन करती थीं। उनके बाबा साबिर हुसैन की सब्जी की दुकान कुतुबखाना सब्जीमंडी में थी, जिसके चलते नन्हो का वहां आना-जाना था। नन्हो ने उनके बाबा साबिर हुसैन को अपना मुंहबोला भाई मान लिया था और इस तरह वह उनकी दादी हुईं। अपनी मौत से पहले नन्हो ने वह वक्फ संपत्ति 26ए उनके बाबा साबिर हुसैन व उनके तीनों बेटे साकिर हुसैन, जाकिर हुसैन और नासिर हुसैन के नाम वसीयत कर दी। इनमें से साकिर हुसैन उनके पिता हैं, जिनका कंघी टोला निवासी नफीस खां की दुकान पर आना-जाना था।
वक्फ की आड़ में नजूल भूमि पर भी बनाईं दुकानें
नफीस के कब्जे का एक अन्य मामला भी इन दिनों सुर्खियों में है। सिविल लाइंस में एक धर्मस्थल की आड़ में उसने नजूल की जमीन पर कब्जा करके करीब 74 दुकानें बना लीं। इन्हें नफीस वक्फ संपत्ति बताकर किराया वसूलता था लेकिन पिछले दिनों हुए बवाल के बाद नगर निगम ने कार्रवाई कर इन दुकानों को खाली करा लिया और सील कर दिया। वक्फ की आड़ में नजूल भूमि पर भी बनाई दुकानें नफीस के कब्जे का एक अन्य मामला भी इन दिनों सुर्खियों में है। सिविल लाइंस में एक धर्मस्थल की आड़ में उसने नजूल की जमीन पर कब्जा करके करीब 74 दुकानें बना लीं। इन्हें नफीस वक्फ संपत्ति बताकर किराया वसूलता था लेकिन पिछले दिनों हुए बवाल के बाद नगर निगम ने कार्रवाई कर इन दुकानों को खाली करा लिया और सील कर दिया।
1996 में 30 साल की लीज पर ली संपत्ति
कमर अख्तर का कहना है कि वर्ष 1996 में नफीस ने उनके पिता को विश्वास में लेकर उस वक्फ संपत्ति को 30 साल के लिए अपनी पत्नी फरहत बेगम के नाम से लीज पर ले लिया। इस लीज का समय वर्ष 2026 में खत्म हो रहा है। मगर वर्ष 2022 में उनके पिता की मौत होने पर नफीस व उसकी पत्नी फरहत बेगम ने धोखाधड़ी से फर्जी दस्तावेज तैयार कर वह वक्फ संपत्ति 26ए की अपने बेटे मो. नोमान खान एवं फरहान खान के नाम पर गिफ्ट डीड बनवा ली। उन्होंने यह संपत्ति वापस पाने के लिए एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत कर नफीस व उसकी पत्नी फरहत बेगम के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मौलाना तौकीर का है बेहद करीबी
नफीस आईएमसी का राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता है और मौलाना तौकीर रजा का बेहद करीबी है। 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल को लेकर मौलाना तौकीर रजा के जेल जाने के बाद नफीस खां और उसके एक बेटे को भी जेल भेजा गया था। बता दें कि इस बवाल को लेकर कुल दस मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें अब तक 80 से ज्यादा अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ मौलाना के करीबियों पर बीडीए, नगर निगम और बिजली विभाग ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
क्या बोली पुलिस
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि वक्फ संपत्ति में फर्जीवाड़ा करने को लेकर एक व्यक्ति ने नफीस और उसकी पत्नी के खिलाफ शिकायत की थी। इस मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराकर नियमानुसार जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।





