कानपुर में कुदरत का कहर, आंधी-बारिश में ऑटो पर गिरा पेड़, महिला और चालक की दर्दनाक मौत
कानपुर में आंधी संग आई बारिश ने जमकर तांडव मचाया। मकड़ीखेड़ा की जमुना देवी दो बेटियों ज्योत्सना और राजकुमारी के साथ कुलवंती हॉस्पिटल गईं थीं। वहां से बाहर आकर बारिश में ऑटो में बैठी थीं। तभी अचानक पेड़ गिरा और सभी दब गए। इस हादसे में महिला और चालक की मौत हो गई।

यूपी के कानपुर में शनिवार को तेज आंधी संग आई बारिश ने जमकर तांडव मचाया। दरअसल, मकड़ीखेड़ा की जमुना देवी दो बेटियों ज्योत्सना और राजकुमारी के साथ कुलवंती हॉस्पिटल गईं थीं। वहां से बाहर आकर बारिश में ऑटो में बैठी थीं। तभी अचानक पेड़ गिरा और सभी दब गए। ऑटो क्षतिग्रस्त हो गया। जमुना देवी संग मकड़ीखेड़ा निवासी ऑटो चालक 30 वर्षीय सोनू की भी मौके पर मौत हो गई। इंद्रानगर में पेड़ टूटकर गिर गया। जबकी राज बहादुर, पत्नी गीता और रामगोपाल घायल हो गए।
तेज आंधी संग आई बारिश से काकादेव में कुलवंती हास्पिटल के पास ऑटो पर गिरे पेड़ ने दो परिवारों की जड़ें हिला दीं। इस हादसे में नवाबगंज के मकड़ीखेड़ा निवासी जमुना देवी और 30 वर्षीय ऑटो चालक सोनू निषाद की मौत हो गई। ऑटो पर गिरे भारी-भरकम पेड़ को करीब एक घंटे बाद हटाया जा सका। कटर मंगाकर पेड़ और ऑटो की बॉडी काटने के बाद जमुना देवी की दोनों बेटियों और शवों को निकाला जा सका।
नवाबगंज के मकड़ीखेड़ा के रहने वाले हीरा लाल सीएसए से रिटायर्ड हैं। परिवार में पत्नी जमुना देवी, बेटी ज्योत्सना और राजकुमारी है। ज्योत्सना भारतीय दलहन अनुसंधान केंद्र में लिपिक है। परिजनों ने बताया कि जमुना देवी को डायबिटीज थी। शनिवार को जमुना देवी रूटीन चेकअप के लिए कुलवंती हास्पिटल जा रहीं थीं। इसके लिए उन्होंने मकड़ीखेड़ा में रहने वाले ई-ऑटो चालक सोनू निषाद को बुक किया था। जमुना देवी बेटी ज्योत्सना और राजकुमारी के साथ गईं थीं। शाम को अस्पताल से लौटते वक्त बारिश शुरू हो गई।
काकादेव पुलिस के मुताबिक अस्पताल से 100 मीटर दूर जाते ही फुटपाथ पर खड़ा बरगद का पेड़ उनके ऑटो पर गिर गया। तत्काल पुलिस और दमकल को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बिजली की सप्लाई बंद करवाई। डीसीपी दक्षिण एसएम आबिदी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने कटर की मदद से पेड़ की टहनियों को काटा और जेसीबी की मदद से हटाया। इसके बाद ऑटो की बॉडी काटकर घायल युवती को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। साथ ही कड़ी मशक्कत के बाद सोनू और ज्योत्सना के शव निकाले। ज्योत्सना को हैलट के बाद निजी अस्पताल में ले गए।
जान बची लेकिन रूह कांपी
हादसे में मामूली रूप से चोटिल ज्योत्सना की बेटी राजकुमारी ने रोते हुए बताया कि वह बहन के साथ मां को दिखाने अस्पताल आई थी। ऑटो में दबने के बाद बाहर से लोगों के चिल्लाने की आवाज तो आ रही थी लेकिन उसे कुछ दिख नहीं रहा था। पुलिस ने जैसे तैसे उसे बाहर निकाला तो ऑटो के अंदर का मंजर देखकर उसक रूह कांप उठी। हादसे की सूचना पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बारिश में भीगते हुए पेड़ को काटा। हालांकि पेड़ों को काटने और हटाने में करीब एक घंटे का समय लग गया।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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