
आगरा में दर्दनाक हादसा: बेसमेंट निर्माण के दौरान गिरी दीवार, ताश खेल रहे सात लोग दबे, दो की मौत
आगरा में मकान के बेसमेंट निर्माण के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। बेसमेंट की खुदाई के दौरान निर्माणधीन एक दीवार भरभराकर गिर गई। पास में ही ताश खेल रहे सात लोग दीवार के तलबे के नीचे दब गए।
यूपी के आगरा में मकान के बेसमेंट निर्माण के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। बेसमेंट की खुदाई के दौरान निर्माणधीन एक दीवार भरभराकर गिर गई। पास में ही ताश खेल रहे सात लोग दीवार के तलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की खबर पाकर पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दीवार के नीचे दबे लोगों को निकाला गया। इनमें से दो लोगों की मौत हो गई जबकि पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बटेश्वर के बिजकौली गांव में जोर सिंह के निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट में रविवार सुबह 11 बजे कुछ लोग ताश खेल रहे थे। बेसमेंट में मिट्टी का भराव हो रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दबाव में मिट्टी संग बेसमेंट की दीवार ढह गई। बेसमेंट में मौजूद लोग मलबे में दब गये। इसकी जानकारी होने पर गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। हादसे की जानकारी पर मौके पर पहुंचे बाह के एसडीएम संतोष कुमार शुक्ला, तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ, बीडीओ नीरज तिवारी, ब्लॉक प्रमुख लाल सिंह चौहान आदि ने घायलों को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल भेजा।
मलबे में दब कर घायल हुए उत्तम सिंह (50) पुत्र आसाराम, धर्मेंद्र सिंह (42) पुत्र नाथूराम, सुनील कुमार (38) पुत्र दूरबीन सिंह, हीरालाल (65) पुत्र नंदराम, रामेंद्र सिंह (58) पुत्र वेद सिंह, कल्लू (32) पुत्र राम खिलाड़ी, योगेश (45) पुत्र राज बहादुर को एसएन मेडीकल कॉलेज आगरा के लिए रेफर कर दिया। आगरा ले जाते समय हीरालाल की रास्ते में मौत हो गई। जबकि योगेश कुमार ने एसएन मेडीकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। बाह पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
शोक में डूबा पूरा बिजकौली गांव
बाह। हीरालाल और योगेश की मौत से उनके परिवारों में चीख-पुकार मच गई। हीरालाल ने अपने पीछे पत्नी सुशीला, बेटे राजू, विक्रम तथा योगेश कुमार ने पत्नी बबली, बेटे सनी, कान्हा, बेटी नेहा को छोड़ा है। घटना के बाद बिजकौली गांव शोक में डूब गया किसी भी घर में चूल्हे नहीं जले।





