राम मंदिर दान चोरी: कल अयोध्या पर रहेगी देश की नजर; चंपत राय दे सकते हैं जवाब; नृपेन्द्र मिश्र भी रहेंगे
राम मंदिर दान चोरी की जांच जोर शोर से जारी है। इस बीच कल यानी छह जुलाई को अयोध्या में ट्रस्ट कार्यकारिणी की अहम बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में सबसे पहले उनके ही त्यागपत्र पर विचार किया जाएगा। अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे। निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र भी रहेंगे।

श्री राम मंदिर दान चोरी पर मचे बवाल के बीच कल यानी छह जुलाई को अयोध्या पर देश की नजरें टिकी होंगी। अयोध्या में कल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ट्रस्ट कार्यकारिणी की अहम बैठक होने जा रही है। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र का इस्तीफा स्वीकार किए जाने और ट्रस्ट के पुनर्गठन पर गंभीर मंथन चल रहा है। छह जुलाई को मणिराम दास छावनी में तीर्थ क्षेत्र की प्रस्तावित बैठक में सबसे पहले उनके ही त्यागपत्र पर विचार किया जाएगा। इसके बाद उनसे उनका लिखित स्पष्टीकरण लेकर इस्तीफा मंजूर किए जाने पर सभी सदस्यों से सलाह ली जाएगी।
माना जा रहा है कि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र के त्यागपत्र के लिए तीर्थ क्षेत्र के बायलॉज संबंधित विधिक राय लेकर उनकी विदाई की पटकथा लिखी जाएगी। उधर, ट्रस्ट की बैठक में निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र हिस्सा तो लेंगे, लेकिन उनकी भूमिका सवाल-जवाब तक ही सीमित रहेगी। कहा जा रहा है कि संघ के हाईकमान तक पहुंची शिकायतों के बाद चंपत राय पर इस्तीफे का दबाव बनाया गया था। देश भर में राममंदिर चढ़ावा प्रकरण पर बढ़ रहे आक्रोश के बाद तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष की ओर से त्यागपत्र की पुष्टि की गई।
कार्यशैली और व्यवहार से संगठन को नुकसान
बताया जा रहा है कि संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी मानते हैं कि चंपत राय की कार्यशैली और व्यवहार के कारण संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा है। चंपत राय के स्तर पर लापरवाही हुई है, ऐसा संघ के अंदर कई लोग मानते हैं।
नए नाम पर रस्साकशी
तीर्थ क्षेत्र में अयोध्या नरेश राजा बिमलेंद्र मोहन मिश्र के निधन के बाद एक स्थान पहले से खाली है। दो अन्य सदस्यों के त्यागपत्र के बाद तीन पद खाली होंगे। तीन पदों पर अपने लोगों की एंट्री कराए जाने को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के अलावा संघ भी प्रयासरत हैं। बड़े पदाधिकारियों का बीते दिनों अयोध्या भ्रमण हो चुका है। अंतिम निर्णय पर सभी की निगाहें हैं।
महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे बैठक की अध्यक्षता, मेदांता से मिली छुट्टी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्ट कार्यकारिणी की बैठक छह जुलाई को मणिराम छावनी में अपराह्न तीन बजे से होगी। इस बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे। पिछले दिनों मेदांता में भर्ती कराए गए 89 वर्षीय महंत नृत्य गोपाल दास की सेहत में सुधार होने डॉक्टरों ने छुट्टी कर दी है। महंत यूरिन संक्रमण और सांस की समस्या के चलते सोमवार को भर्ती हुए थे। मेदांता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि महंत की जांच में यूरिन संक्रमण और सांस की समस्या दूर होने पर छुट्टी कर दी गई है।
राम मंदिर में हुए घटनाक्रम को लेकर ट्रस्ट महासचिव चंपतराय का एक मात्र सार्वजनिक बयान सात जून को मीडिया में आया था। उसके बाद से अनेकानेक आरोपों के बाद उनके और डा. अनिल मिश्र के इस्तीफे की खबर आईं, लेकिन इस्तीफा सार्वजनिक नहीं हुआ। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर इस्तीफे की सूचना नहीं दी। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव ने बाद में इस्तीफे की पुष्टि जरूर की और बिना हस्ताक्षर वाला पत्र भी वायरल किया गया, जो ट्रस्ट कोषाध्यक्ष से ही सम्बन्धित है।
चंपत राय के समर्थन में उतरे संत और महंत, अारोप निराधार बताए
उधर, श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर लग रहे आरोपों की संत-महंतों ने निंदा की है। गोलाघाट स्थित हजारा मंदिर में शनिवार को बैठक में संतों ने सर्वसम्मति प्रस्ताव कर आरोपों को निराधार बताया। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि आखिर उन्होंने कोष की चिंता क्यों नहीं की। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के आचार-व्यवहार की प्रशंसा करते हुए 11 जुलाई की रूटीन बैठक को छह जुलाई को ही बुलाए जाने पर भी सवाल खड़ा किया। संतों ने ट्रस्ट महासचिव का इस्तीफा नामंजूर करने की वकालत करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं एसआईटी गठन की मांग की और सरकार ने एसआईटी गठन कर प्रशंसनीय कार्य किया है।
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी पर संतों ने उठाया सवाल
संतों ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया है कि आखिर उन्होंने कोष की चिंता क्यों नहीं की। यह घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि अंदरखाने पद-प्रतिष्ठा को लेकर रस्साकसी तेज हो गयी है। विहिप नेतृत्व के द्वारा देश खास तौर पर दक्षिण भारत के मंदिरों के सरकारीकरण के विरोध में अभियान चलाया जा रहा है। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की आड़ में राम मंदिर ट्रस्ट में भी सीईओ के जरिए लालफीताशाही सरकारीकरण को हवा दे रही है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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