छात्राओं को स्कूटी, शिक्षामित्रों-अनुदेशकों के मानदेय में होगी बढ़ोतरी? यूपी का बजट आज, क्या उम्मीदें
योगी 2.0 सरकार का आज अपना आखिरी बजट पेश करेगी। बजट के जरिए सरकार अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हर चेहरे पर मुस्कान की कोशिश करेगी। छात्राओं को स्कूटी का वादा पूरा करने के साथ शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले योगी 2.0 सरकार अपने इस कार्यकाल का आखिरी आम बजट बुधवार को पेश करेगी। इसका आकार नौ लाख करोड़ से बड़ा होने की उम्मीद है। चुनाव में जाने के पहले सरकार न केवल बुनियादी ढांचे के विकास पर रकम आवंटित करने के लिए फिक्रमंद है बल्कि वह सामाजिक योजनाओं में पैसा डालकर समाज के हर तबके के चेहरे पर मुस्कान भी बिखेरने की कवायद में है। पिछले बजट में सरकार ने मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी देने के लिए बजट प्रावधान किया था। इस वादे को पूरा करने के साथ ही शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मानदेय में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
चुनाव के पहले के आखिरी बजट में सरकार वृद्धावस्था, निराश्रित महिलाओं की पेंशन और दिव्यांगजनों को भरण-पोषण के लिए दी जा रही राशि को एक हजार रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर सकती है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत बुनियादी ढांचागत नई परियोजनाओं के लिए सरकार दो हजार करोड़ रुपये दे सकती है।
कैबिनेट में बजट और सीएजी रिपोर्ट पर लगेगी मुहर
बजट से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठकहोगी। सुबह नौ बजे से पांच कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में होने वाली इस बैठक में बुधवार को विधानसभा में पेश किए जाने वाले बजट पर मुहर लगेगी। कैबिनेट बैठक में यूपीसीडा, लखनऊ मेट्रो के निर्माण एवं संचालन, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा संपत्तियों का विकास एवं आवंटन, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और आयुष विभाग से जुड़ी सीएजी रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखे जाने संबंधी प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी जाएगी। इसके अलावा चित्रकूट लिंक परियोजना की आरएफपी और बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड द्वारा लखीमपुर में औद्योगिक इकाई की स्थापना हेतु लेटर ऑफ कंफर्ट संबंधी प्रस्तावों पर भी कैबिनेट में चर्चा होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर रहेगा जोर
बजट में किस क्षेत्र को क्या मिला यह तो बुधवार को वित्त मंत्री खुद बुधवार को सदन में बताएंगे। हालांकि, जानकारों के मुताबिक सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आवंटित कर सकती है। कानून-व्यवस्था योगी सरकार की प्राथमिकताओं में रही है। उन्हीं प्राथमिकताओं को सरकार इस बजट में और मजबूती देती दिखेगी। गृह विभाग को सरकार 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम आवंटित कर सकती है। कानून-व्यवस्था में एआई के इस्तेमाल और साइबर सुरक्षा के लिए भी राशि दी जा सकती है।
मानदेय बढ़ेगा, एरियर के भी होगा पैसा
बजट में सरकार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में इजाफा करती दिख सकती है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने और उन्हें एरियर भी देने के आदेश दिए थे। तकरीबन 25 हजार अनुदेशक हैं और 1.43 लाख शिक्षामित्र प्रदेश में कार्यरत हैं। माना जा रहा है कि करीब 250 करोड़ रुपये इस मद में दिए जा सकते हैं।
युवाओं के लिए टेबलेट और कौशल विकास पर जोर
युवाओं के लिए भी बजट में मुस्कुराने की वजह होगी। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना से वितरित किए जाने वाले टेबलेट खरीद का बजट बढ़ाया जा सकता है यानी, योजना के दायरे में ज्यादा मेधावियों को लाने की योजना है। राज्य सरकार प्रदेश के 40 लाख से अधिक युवाओं को टेबलेट बांट रही है। इसके अलावा युवाओं को रोजगार मुहैया कराने और उनके अंदर उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास के लिए भी सरकार बजट में इजाफा करेगी। अलग-अलग क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट के लिए भी योजना का ऐलान किया जा सकता है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के बजट में बढ़ोतरी होगी। कस्तूरबा गांधी विद्यालय खोलने, जर्जर स्कूलों की मरम्मत और माध्यमिक विद्यालयों में ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर के लिए भी सरकार बड़ी रकम आवंटित कर सकती है।
औद्योगिक निवेश बढ़ाने और बुनियादी ढांचे पर होगा जोर
योगी सरकार अब तक हर बजट में बुनियादी ढांचे के विकास पर अच्छी रकम आवंटित करती रही है। इस बजट इसे और बढ़ाए जाने की उम्मीद है। बजट में उद्योगों को विभिन्न नीतियों के तहत दी जाने वाली रियायतों की रकम बढ़ाई जाएगी। नए औद्योगिक गलियारों की भी घोषणा होने की उम्मीद है। डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के लिए भी पैसा डाला जाएगा। लोक निर्माण विभाग का बजट बढ़ाकर सरकार प्रदेश की कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी। इस रकम से राज्य राजमार्ग से लेकर शहरों के बाईपास, गांव की सड़क, धर्मार्थ मार्ग, लिंक मार्गों के साथ ही सेतु बनाए जाएंगे। दुर्घटनाओं से होने वाली मौत रोकने के लिए भी सरकार बजट में प्रावधान करेगी। बसों व बस स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे, बस स्टॉप बनवाने और वाहनों की खरीद के लिए भी रकम का इंतजाम होगा। नई टाउनशिप विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत 3500 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। इसके अलावा मेट्रो परियोजनाओं के लिए रकम का प्रावधान होगा।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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