
हिंदुओं का बिखराव रोकने को आगे आए समाज, मोहन भागवत ने मथुरा में दिया ये मंत्र
आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को हिंदू एकता और समरसता का मंत्र दिया और नागरिक कर्तव्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 'पंच परिवर्तन' के सूत्र दोहराये।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को हिंदू एकता और समरसता का मंत्र दिया और नागरिक कर्तव्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 'पंच परिवर्तन' के सूत्र दोहराये। वृन्दावन में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के अवसर पर प्रारम्भिक बातचीत में संघ प्रमुख ने हिन्दू समाज के बिखराव को रोकने तथा एकजुटता के लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रयास करने का संकल्प याद दिलाया। संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की इस राष्ट्रीय बैठक में भाग लेने के लिए भागवत रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वृन्दावन स्थित केशवधाम पहुंच गए। केशवधाम में उनका एक सप्ताह का प्रवास है।
आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा कि भागवत ने संघ की स्थापना के सौ साल पूर्ण होने पर गत वर्ष विजयादशमी के अवसर पर तय किए गए आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन (परिवार संस्कार), पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 'पंच परिवर्तन' के सूत्र को दोहराया। उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख अपने प्रवास के दौरान वृन्दावन में निर्माणाधीन विश्व के सर्वाधिक ऊंचे (700 फुट) 'वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर' के दर्शन करेंगे और दोपहर में यमुना किनारे केशी घाट के निकट परिक्रमा मार्ग में स्थित सुदामा कुटी के संस्थापक संत सुदामा दास के वृन्दावन आगमन के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह की शुरुआत करेंगे। सुदामा कुटी आश्रम के व्यवस्थापकों के अनुसार इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आमंत्रित हैं।
वृन्दावन में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू
यूपी में मथुरा के वृन्दावन स्थित केशव धाम में सोमवार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दो दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व सहित देश भर के महत्वपूर्ण पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की वर्तमान परिस्थितियों और संगठन के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना है। बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और सभी छह सह-सरकार्यवाह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त बैठक में संघ की कार्यकारिणी के विभिन्न प्रान्तों के वरिष्ठ प्रचारक और प्रतिनिधि भी शामिल हुए। केशव धाम परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बैठक को पूरी तरह आंतरिक रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक का एक प्रमुख एजेंडा 'हिंदू सम्मेलन' है। संघ का लक्ष्य अब देश के प्रत्येक गांव तक अपनी पहुंच बनाना है। इसके लिए गांव-गांव में हिंदू सम्मेलनों के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है। संघ चाहता है कि सामाजिक समरसता और हिंदू एकता का संदेश निचले स्तर तक पहुंचे, जिससे समाज की एकजुटता को और मजबूती प्रदान की जा सके। बैठक के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं की वर्तमान स्थिति पर भी गंभीर चर्चा हुई है। सूत्रों का कहना है कि संघ नेतृत्व बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा और हत्याओं को लेकर अत्यंत चिंतित है। इस वैश्विक मुद्दे पर संघ कोई बड़ा प्रस्ताव पारित कर सकता है या सरकार के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप की रणनीति बना सकता है। यह महत्वपूर्ण बैठक कुल तीन सत्रों में आयोजित की जा रही है।





