राम मंदिर चढ़ावा विवाद से चर्चा में आए टिन्नू यादव ने कमाई पर चुप्पी तोड़ी, बताया- कहां से आया पैसा
राममंदिर चढ़ावा मामले की जांच एसआईटी ने शुरू कर दी है। इस बीच मंगलवार को टिन्नू यादव ने अपनी चुप्पी तोड़ दी। एक वीडियो में टिन्नू ने कहा कि उस पर लगाए जा रहे सारे आरोप गलत और निराधार हैं। जो उनकी जमीन के बारे में 50 करोड़ रुपए बताया जा रहा है उसका बैनामा उन्होंने 2008 में कराया था।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव नाम के एक शख्स का नाम पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है। टिन्नू यादव ने मंगलवार को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पहली बार सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा है। टिन्नू यादव का कहना है कि उस पर लगाए जा रहे सारे आरोप निराधार और झूठे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ढाई मिनट के एक वीडियो में टिन्नू यादव अपने घर, जमीन और अन्य संपत्तियों का ब्योरा देते हुए बता रहे हैं कि उनके पास इन सबके लिए कहां से पैसा आया? टिन्नू की सफाई पर यूजर्स अपने-अपने ढंग से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
वायरल हो रहे वीडियो में टिन्नू यादव ने बताया कि उनकी उम्र 51 वर्ष है। वह आरएसएस से जुड़े थे। 1988 में उन्होंने ओटीसी किया था। 1993 से विश्व हिन्दू परिषद और श्रीराम जन्मभूमि न्यास से जुड़े रहे। इसी में काम करते रहे। 2019 में जब जन्मभूमि का निर्णय आया तो मुझे राममंदिर परिसर में सेवा में लगा दिया गया। वहां मैं सेवा करता रहा। टिन्नू यादव ने दावा किया कि सोशल मीडिया में उन पर लग रहे सारे आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि हमारे मकान के बारे में जो बताया जा रहा है वो भी गलत है। जो उनकी जमीन के बारे में 50 करोड़ रुपए बताया जा रहा है उसका बैनामा उन्होंने 2008 में कराया था। 2015-16 में उन्होंने मकान का निर्माण कराया। 2019 में राममंदिर का फैसला आने के बाद मेरा आवास रेंट पर चढ़ गया।
उन्होंने कहा कि संगठन का काम करने के दौरान वह ऑटो का भी काम साइड में करते थे। उससे जो धन इक्ट्ठा हुआ उसी से 2008 में यह जमीन खरीदी। 2019 में मंदिर पर निर्णय आने के पहले मेरा आवास बन कर तैयार हो गया था। 2020 में कंपनी आई पाइलिंग करने के लिए। उनको आवास की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि आठ कमरे की जरूरत है। हमने उनको आवास किराए पर दिया। वे एक साल तक उसमें रहे। उन्होंने कहा कि यही उनकी आमदनी का जरिया है। जो लोग उन पर 50 करोड़ की संपत्ति का आरोप लग रहे हैं वो पूरी तरह से गलत है। भगवान सब जान रहे हैं। इन लोगों को सफाई देने का कोई मतलब नहीं है। भगवान ही उसका निर्णय करेंगे।
एसआईटी ने शुरू कर दी है जांच
श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर प्रदेश सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सोमवार दोपहर से जांच शुरू कर दी है। उधर, राम मंदिर के चढ़ावे और आभूषणों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर एक प्रार्थना पत्र भी कोतवाली नगर में दिया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के पॉलीग्राफ टेस्ट, निष्पक्ष जांच और कथित गबन की जांच की मांग की है।
जिम्मेदार लोगों की पहचान जरूरी: इकबाल अंसारी
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर जांच की मांग के बीच बाबरी मस्जिद के पूर्व पैरोकार इकबाल अंसारी ने कहा कि यदि चढ़ावे की राशि में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता हुई है तो यह पता लगाया जाना चाहिए कि कथित रूप से धन कहां गया, किसने उसे छिपाया और पूरी प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका रही। उनके अनुसार सच्चाई सामने आना और जिम्मेदार लोगों की पहचान होना बेहद जरूरी है। यही मांग है कि जांच निष्पक्ष हो, दोषियों की पहचान की जाए और कानून के अनुसार उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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