पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ के हमले में बाल-बाल बचे जंगल सफारी कर रहे पर्यटक
जंगल सफारी के दौरान झाड़ियों से एक बाघ अचानक से निकल आया और पर्यटकों पर हमला कर दिया। पर्यटक को देखकर पहले तो बाघ गुर्राया, फिर सफारी गाड़ी के पीछे दौड़ लगा ली।

जून में बंद किया गया पीलीभीत टाइगर रिजर्व अब खुल चुका है। पीटीआर के जंगल सफारी के लिए पर्यटकों ने भी पहुंचना शुरू कर दिया है। लेकिन सीजन के पहले ही दिन जंगल सफारी करने पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचे पर्यटक बाल-बाल बच गए। जंगल सफारी के दौरान झाड़ियों से एक बाघ अचानक से निकल आया और पर्यटकों पर हमला कर दिया। पर्यटक को देखकर पहले तो बाघ गुर्राया, फिर सफारी गाड़ी के पीछे दौड़ लगा ली। कुछ देर के लिए तो पर्यटकों की घिग्घी बंध गई। हालांकि गाइड की सूझबूझ के चलते पर्यटकों की जान बच पाई। बाघ का हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व शनिवार को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। नए सीजन के पहले ही दिन काफी संख्या में पर्यटक जंगल सफारी करने के लिए पहुंचे थे। पर्यटकों में सबसे ज्यादा उत्साह बाघ का दीदार करने को लेकर दिख रहा था। पूरनपुर निवासी नितिन खंडेलवाल अपने परिवार के पांच सदस्यों समेत 14 लोग भी पीटीआर घूमने के लिए पहुंचे थे। ये सभी लोग सफारी गाड़ी पर सवार हुए और बाघ के दीदार को निकल पड़े। सैलानियों को लगा कि बाघ आसपास है।
सफारी गाड़ी के चालक ने बाघ को दिखाने के लिए कुछ देर गाड़ी को रोका। एक बाघ दिखाई दिया तो पर्यटकों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी बीच एक बाघ गुर्राते हुए झाड़ियों से अचानक बाहर आ गया। यह देखकर गाइड ने सफारी गाड़ी को दिया। कुछ देर के लिए तो पर्यटकों की घिग्घी बंध गई। हालांकि दहशत के बीच पर्यटक बाघ को देख कर रोमांचित नजर आए। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी की जा रही है।

लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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