
भदोही में दर्दनाक हादसा, डाइंग प्लांट के खौलते टैंक में गिरने से तीन मजदूरों की मौत
भदोही जिले में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। औराई क्षेत्र के एक डाइंग प्लांट में खौलते केमिकल टैंक में गिरने से तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद प्लांट में अफरातफरी मच गई।
यूपी के भदोही जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक डाइंग प्लांट में लगभग 11 बजे खौलते कैमिकल टैंक में गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।

ये दर्दनाक घटना औराई थाना क्षेत्र के उगापुर बाजार स्थित सूर्या कंपनी का है। जहां सोमवार को कुछ मजदूर खौलते केमिकल टैंक में गिर गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर को तत्काल औराई चौराहे स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। वहीं, हादसे के बाद प्लांट परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया।
पुलिस के अनुसार, घटना औराई थाना क्षेत्र के उगापुर में स्थित एक कालीन इकाई के डाइंग संयंत्र में हुई, जहां मजदूर टैंक के अंदर सफाई और मोटर की मरम्मत का काम कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पहला मजदूर सफाई और मरम्मत के लिए टैंक में उतरा और जहरीले गैस के कारण बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए तीन अन्य मजदूर एक-एक करके नीचे उतरे, लेकिन उन सभी की दम घुटने से मौत हो गई।
अधिकारियों ने लिया जायजा
घटना के बाद श्रमिकों को कंपनी के कर्मचारियों द्वारा कालीन इकाई के मालिक सूर्य मणि तिवारी के स्वामित्व वाले सूर्या अस्पताल में ले जाया गया। वहीं, जिलाधिकारी शैलेश कुमार और पुलिस अधीक्षक मांगलिक ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
वहीं, मृतकों की पहचान शिवम दुबे (38), राम सूरत यादव (55) और शीतला प्रसाद (50) के रूप में की गई है। तीनों भदोही जिले के निवासी थे। इसके अलावा, मध्यप्रदेश के सीधी जिले के निवासी राज किशोर (48) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा
इस मामले में जिलाधिकारी ने बताया कि मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं और मृतक परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा। श्रम विभाग, कारखाना विभाग और फॉरेंसिक टीम जहरीली के फैलने के कारणों की जांच कर रही है।
कंपनी के प्रबंधक पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक मांगलिक ने बताया कि मृतक मजदूरों के परिवारों की शिकायत के आधार पर सूर्या कालीन कंपनी के प्रबंधक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 (दूसरों की जान या सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य) और धारा 106 (लापरवाही से मौत) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।





