
कुशाग्र के तीनों हत्यारे दोषी करार, 22 जनवरी को होगा सजा का ऐलान, कोर्ट बोली-फैसला नजीर बनेगा
कानपुर में हुए कुशाग्र हत्याकांड में एडीजे सुभाष सिंह की कोर्ट ने तीनों आरोपी टीचर रचिता वत्स उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और साथी शिवा गुप्ता को दोषी करार दिया। 22 जनवरी को सजा के बिंदु पर सुना जाएगा।
यूपी के कानपुर में 30 अक्तूबर 2023 को 30 लाख की फिरौती के लिए हुई 10वीं के छात्र कुशाग्र कनोडिया की हत्या में कोर्ट ने तीनों आरोपियों ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और साथी शिवा गुप्ता को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश सुभाष सिंह 22 जनवरी को सजा के बिंदु पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुनाएंगे। हालांकि कोर्ट ने कहा कि ‘यह फैसला नजीर बनेगा। कानून की विद्यार्थियों को इसका अध्ययन करना चाहिए। फैसला सुनाते हुए कोर्ट को संतुष्टि हो रही है’। दोषी करार दिए जाने के बाद कुशाग्र की मां सोनिया कनोडिया ने कहा-हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
जयपुरिया स्कूल के हाईस्कूल में पढ़ने वाले कुशाग्र कनोडिया की कोचिंग जाते समय अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और साथी शिवा गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि बीते सप्ताह सुनवाई पूरी होने के बाद मंगलवार को निर्णय पर मामला लगा था। तीनों आरोपियों को पुलिस की कड़ी सुरक्षा में जेल से लाकर पेश किया गया। दोपहर दो बजे के बाद सुनवाई शुरू हुई। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। सजा पर अदालत 22 जनवरी को निर्णय सुनाएगी। दोषी करार दिए जाने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।
711 दिन में हुईं 134 सुनवाई
अभियोजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश पाठक ने बताया कि 9 फरवरी 2024 को फाइल सत्र न्यायालय भेजी गई थी। 3 मई को आरोपियों पर आरोप तय किए गए। इसी माह सुनवाई के लिए पहली तारीख पड़ी। सेशन कोर्ट में 711 दिनों में 134 सुनवाई हुईं और आरोपी दोषी करार दिए गए। 135वीं सुनवाई में सजा सुनाई जा सकती है। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि अभियोजन की ओर से कुल 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। इसमें कुशाग्र के पिता संजय, मां सोनिया, चाचा सुमित कनोडिया और अपार्टमेंट के गार्ड राजेंद्र की गवाही अहम रही। अन्य गवाहों में पुलिस, डॉक्टर और फर्द लिखने वाले गवाह शामिल थे।
112 साक्ष्य बने हत्या के साक्षी
एडीजीसी ने बताया कि कोर्ट में कुल 42 प्रदर्श (दस्तावेज) पेश किए गए। इसमें हत्या के दौरान एकत्रित किए गए 112 वस्तु प्रदर्श यानी हत्याकांड से जुड़े अन्य साक्ष्य कोर्ट में साबित कराए गए। इसमें आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों के बीच कई बार हुई बातचीत की सीडीआर, फिरौती पत्र, स्कूटी, रस्सी, चापड़, कुशाग्र के कपड़े व अन्य सामान शामिल थे। एडीजीसी ने बताया कि मामले में 240 पेज की जिरह की गई जो काफी लंबी मानी जाती है।
43 मिनट के सीसीटीवी में कैद हुई थी कुशाग्र के हत्याकांड की कहानी
रायपुरवा के आचार्य नगर निवासी कपड़ा कारोबारी मनीष कनोडिया का बेटा कुशाग्र 30 अक्तूबर 2023 की शाम 4 बजे स्कूटी से मेनन कोचिंग स्वरूप नगर जाने के लिए घर से निकला। रास्ते में उसे ट्यूशन टीचर रचिता वत्स का प्रेमी प्रभात मिला और लिफ्ट लेने के बहाने अपने साथ ले गया। इसके बाद दोनों ओमनगर में इंद्रकुटी हाता स्थित प्रभात के घर पहुंचे। प्रभात आगे-आगे चल रहा था, उसके पीछे-पीछे हेलमेट पहने कुशाग्र जा रहा था। इसी के बगल वाले कमरे में रचिता रुकी हुई थी। कुशाग्र को प्रभात स्टोरनुमा कमरे में ले गया और गला घोंटकर हत्या कर दी। इस दौरान प्रभात का दोस्त आर्यन गुप्ता उर्फ शिवा कमरे के बाहर खड़ा था। यह घटनाक्रम 43 मिनट के सीसीटीवी वीडियो में कैद है जो कोर्ट में अहम साक्ष्य साबित हुआ।
रचिता की स्कूटी से फेंकने पहुंचा फिरौती का लेटर, गार्ड ने पहचानी
शाम 4 बजे कोचिंग जाने वाला कुशाग्र 7:30 बजे तक लौट आता था। उस दिन जब कुशाग्र नहीं आया तो मां सोनिया ने सूरत में पति मनीष को फोन किया। उन्होंने लखनऊ में रहने वाले छोटे भाई सुमित को सूचना दी। सुमित तुरंत कानपुर के लिए निकल पड़े। रात करीब 9:30 बजे शिवा 30 लाख रुपये की फिरौती का लेटर लेकर आचार्य नगर स्थित भगवती विला पहुंचा। वह कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स की स्कूटी से पहुंचा था। गार्ड ने स्कूटी पहचान ली। शिवा कुशाग्र के फ्लैट के बाहर लेटर डालकर भाग गया। डायवर्ट करने के लिए लेटर पर अल्लाह हू अकबर भी लिखा था। इसके बाद कुशाग्र के चाचा सुमित, मां सोनिया और अन्य परिजन रचिता के घर पहुंचे। यहां प्रभात स्कूटी लेकर आया। शक होने पर पुलिस ने प्रभात के घर में तलाशी ली तो कुशाग्र का शव मिल गया। इसके बाद अपहरण व हत्याकांड का खुलासा उसी रात हो गया।
कोर्ट का फैसला आते ही रो पड़ी मां, नम हुईं पिता की आंखें
कोर्ट ने जैसे ही तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया, वैसे ही मां सोनिया कनोडिया रो पड़ीं। उन्हें संभाल रहे पिता मनीष कनोडिया की आंखें भी नम हो गईं। मीडिया से बात करते हुए सोनिया ने कहा कि जिस तरह से उनके बेटे की हत्या हुई है, आरोपियों को भी फांसी होनी चाहिए। तभी उन्हें इंसाफ मिलेगा। उन्होंने कहा, कोर्ट ने निर्णय नजीर बनने की बात कही है, इससे उन्हें उम्मीद है कि आरोपियों को फांसी होगी। कानपुर छोड़कर सूरत में रहने की बात पर उन्होंने कहा कि कुशाग्र के अपहरण व हत्या से वह डरी हुई हैं। उनके दो बच्चे भी खतरे में हैं। इसीलिए कानपुर छोड़ दिया। कुशाग्र के चाचा सुमित लखनऊ में रहते हैं। उन्होंने बताया कि हर तारीख पर लखनऊ से इसलिए आते थे ताकि भतीजे को इंसाफ दिला सकें। अब 22 को आने वाले निर्णय का इंतजार है।





