
बदायूं की बंद पड़ी फैक्ट्री में अलाव तापते समय तीन गार्डों की मौत, दम घुटने की आशंका
बदायू्ं में बंद पड़ी मेंथा फैक्ट्री के गार्ड रूम में अलाव तापते समय दम घुटने से तीन सुरक्षा गार्डों की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और परिजन शव उठाने से इंकार कर हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
यूपी के बदायू्ं से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां बंद पड़ी मेंथा फैक्ट्री के गार्ड रूम में अलाव तापते समय दम घुटने से तीन सुरक्षा गार्डों की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और परिजन शव उठाने से इंकार कर हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी फैक्ट्री में कुछ महीने पहले आंधी-तूफान के दौरान आग लगने से एक मजदूर की मौत भी हुई थी।
मामला उझानी कोतवाली क्षेत्र के दिल्ली हाईवे स्थित कुड़ा नरसिंहपुर गांव का है। यहां बंद पड़ी मेंथा फैक्ट्री के गार्ड रूम में अलाव ताप रहे तीन सुरक्षा गार्डों की दम घुटने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। मृतकों की पहचान मूसाझाग के रहने वाले 30 वर्षीय भानु यादव, मुजरिया थाना क्षेत्र के 30 वर्षीय जोगिंदर और सिविल लाइंस कोतवाली के नाई गांव के 25 वर्षीय विवेक के रूप में हुई है। तीनों बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात थे।
पिछले साल भी एक मजदूर की हुई थी मौत
बताया गया है कि तीनों गार्ड फैक्ट्री के गार्ड रूम में बैठकर अलाव ताप रहे थे, इसी दौरान कमरे में धुआं भरने से दम घुटने की आशंका है। गार्डों की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। परिजन दो सुरक्षा गार्डों के शव उठाने नहीं दे रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लोगों को समझाने के साथ जांच-पड़ताल में जुटे हुए हैं। यह वही फैक्ट्री है जिसमें मई 2025 में आंधी-तूफान के दौरान आग लगने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था और एक मजदूर की दबने से मौत हुई थी। परिजन मामले में गंभीर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।





