
गोंडा-बस्ती रेल रूट के 3 क्रासिंग गेट बंद होंगे, बनाए जाएंगे अंडरपास
गोंडा-बस्ती रेल रूट के 3 क्रासिंग गेट बंद होंगे। इन गेटों पर आने जाने वाले वाहन सवारों की संख्या अधिक होने से जाम की समस्या बनी रहती थी। बंद होने वाले गेटों पर अंडरपास बनाया जाएगा, कई जगह तो अंडरपास बनाने का काम भी बहुत तेजी से कराया जा रहा है।
रेलवे के बस्ती-गोंडा रेल प्रखंड पर स्थित तीन रेलवे क्रॉसिंग के गेट को बंद करने की तैयारी तेजी से चल रही है। इन गेटों पर आने जाने वाले वाहन सवारों की संख्या अधिक होने से जाम की समस्या बनी रहती थी। जिससे यातायात व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड रहा था। इन गेटों से आने जाने वाले लोग घंटो जाम फंसे रहते थे। इसके बाद उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। हालांकि बंद होने वाले गेटों पर अंडरपास बनाया जाएगा, कई जगह तो अंडरपास बनाने का काम भी बहुत तेजी से कराया जा रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल अंतर्गत स्थित गोंडा परिक्षेत्र के तीन गेटों को बंद करने की तैयारी रेलवे के तरफ से तेजी से की जा रही है। यह गेट गोंडा बस्ती रेल प्रखंड पर स्थित है। रेलवे अभियंताओं की मानें तो मनकापुर लखपत नगर स्टेशन के बीच में रेलवे क्रॉसिंग संख्या 241 को बंद करने की कार्यवाही तेजी से चल रही है। इसके अलावा बस्ती ओरवारा के बीच में रेलवे क्रॉसिंग संख्या 197 को भी रेलवे बंद करने के लिए तैयार है। इन दोनों के अलावा झिलाही मोतीगंज स्टेशन के बीच में पिकौरा गांव के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग संख्या 248 को भी शीघ्र बंद कर दिया जाएगा। इन गेटों के बंद होने से वाहनों सवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि रेलवे अधिकारियों ने क्षेत्रीय लोगों से बैठकर संवाद भी नहीं किया और मनमाने तरीके से अपनी तैयारी बना ली। जिससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी, जिसकी तरफ ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा जा रहा है। इससे दिनों दिन परेशानियां बढ़ती जाएगी। ऐसी स्थिति में लोगों को इस पार से उस पार जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे समस्याएं लोगों की बढ़ जाएगी। इसको लेकर लोग काफी नाराज नजर आ रहे हैं।
रेलवे लाइन के किनारे बसे गांव के लोगों को आने-जाने के लिए अंडरपास बनाया जा रहा है जबकि क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि अंडर पास में पानी भर जाता है। ऐसी स्थिति में पानी के चलते लोगों का आना-जाना बंद हो जाता है। कई अंडरपास में अभी भी पानी भरा हुआ है। जिसके निकासी की तरफ रेल प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है और वहां के लोग काफी परेशान हो रहे हैं। उन लोगों को आने-जाने के लिए काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। जिससे जो दूरी उनकी कम समय में तय हो जाती थी। उस दूरी को तय करने में उन्हें घंटो का चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उनका समय भी अधिक लगता है तथा किराए के साधन से जाते हैं तो किराया भी अधिक देना पड़ता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
रेलवे के सहायक मंडल अभियंता विजयंक गर्ग ने बताया कि लोगों को आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए अंडर पास बनाया जा रहा है। अंडरपास से लोग आसानी से इधर से उधर जा सकेंगे और उन्हें काफी सहूलियत मिलेगी। इससे न तो गेट के बंद होने का झंझट रहेगा और न ही ट्रेन के आने से गेट के बंद होने से देर होगा। लोगों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिले। इसके लिए रेलवे प्रयासरत है। रेलवे की तरफ से जो कदम उठाए जाते हैं, वह आसपास के लोगों से संवाद करके उठाए जाते हैं।





