साइबर फ्रॉड के लिए गांव-गांव घूमकर खरीदे पुराने मोबाइल, गैंग सरगना समेत 3 गिरफ्तार
साइबर अपराधियों के स्तर से प्रयोग किए जा रहे मोबाइल की IMEI को पुलिस और एजेंसियां ब्लॉक करा देती हैं। इस वजह से मोबाइल उपयोग लायक नहीं रह जाता। लगातार नया मोबाइल लेने की बजाए साइबर फ्राॅड पुराने मोबाइल खरीदकर अपना काम कर रहे हैं। पुराने मोबाइल की आईएमईआई का प्रयोग किया जा रहा है।

साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं के बीच साइबर क्राइम थाने की टीम ने एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस लाइन के सभागार में धरपकड़ का खुलासा करते हुए एएसपी श्यामकांत ने बताया कि यह गैंग गांव-गांव घूमकर पुराने मोबाइल खरीदता था और उन्हें साइबर अपराध में उपयोग कराने वाले अपराधियों तक पहुंचाता है। पुलिस ने गैंग के सरगना समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 336 एंड्रॉयड मोबाइल और कीपैड मोबाइल के साथ ही अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
एएसपी ने बताया कि साइबर थाना प्रभारी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर हड़िया चौराहे से मेहदावल जाने वाले रोड पर भरवलिया शिव मंदिर के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इस गैंग का सरगना श्यामपाल कश्यप निवासी खल्लपुर थाना फरीदपुर जनपद बरेली है। उसके साथ आरोपी मिराजुल रहमान शेख और अतीकुर रहमान निवासीगण स्वरूप नगर मुर्शिदाबाद थाना बेलडंगा, पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार किया गया है।
बताया कि आरोपियों के कब्जे से 156 एंड्रॉयड मोबाइल, 180 कीपैड मोबाइल, 285 फोन मदरबोर्ड, एक डीसी मशीन, एक पॉवर बूट केबल और 21,200 रुपये नकद बरामद किया गया है। बरामदगी के आधार पर साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज कर किया गया है। साइबर ठगी से जुड़े इस नेटवर्क के अन्य लोगों को भी पुलिस रडार पर ले रही है। जल्द ही उन पर शिकंजा कसा जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान सीओ सिटी सत्येन्द्र भूषण तिवारी भी मौजूद रहे।
मदरबोर्ड में इनबिल्ड आईएमईआई से करते हैं साइबर फ्राड
एएसपी के अनुसार पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि साइबर अपराधियों के स्तर से प्रयोग किए जा रहे मोबाइल की आईएमईआई को ब्लॉक किया जा रहा है। जिसके कारण मोबाइल उपयोग लायक नहीं रह जाता। लगातार नई मोबाइल लेना संभव नहीं हो पा रहा है, इसलिए साइबर फ्राड में पुराने मोबाइल की आईएमईआई का प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए पूरे भारतवर्ष के गांव-गांव में घूम-घूमकर पुराने मोबाइल फोन खरीदा जाता हैं और उनको कोलकाता ले जाकर कुछ दुकानदारों को बेच दिया जाता है। इसका अच्छा पैसा भी मिलता है। इस तरह से खरीदे गए पुराना मोबाइल साइबर अपराधियों के पास पहुंच जाता है। साइबर अपराधी मोबाइल के मदरबोर्ड में इनबिल्ड आईएमईआई का उपयोग कर साइबर अपराध जैसी घटना को अंजाम देते हैं।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
साइबर फ्राड से जुड़े नेटवक्र का खुलासा करने वाली टीम की अगुवाई प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना कुलदीप कुमार त्रिपाठी ने की। टीम में एसआई रामफल चौरसिया, हेड कांस्टेबल ऋषिवेद तिवारी, अंगद मौर्या, पवन कुमार यादव, कांस्टेबल अमित कुमार झा, ईशान्त कुमार शामिल रहे।
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Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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