
लखनऊ से गोंडा-बहराइच और बलरामपुर जाने वाले ध्यान दें, घाघरा नदी के पुल का ज्वाइंटर फिर उखड़ा
राजधानी लखनऊ से गोंडा-बहराइच और बलरामपुर जाने वाले ध्यान दें। बाराबंकी के रामनगर में घाघरा नदी के पुल का ज्वाइंटर फिर उखड़ गया है। इससे आने-जाने में दिक्कत हो रही है। गाड़ियों की रफ्तार धीम पड़ गई है।
लखनऊ से गोंडा-बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जा रहे हैं तो ध्यान दें। घाघरा नदी पर बने पुल का ज्वाइंटर फिर उखड़ गया है। इससे गाड़ियों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। वहीं रहगीरों को जाम का भी सामना करना पड़ रहा है। पुल पर धीमे-धीमे गाड़ियां निकाली जा रही है जिससे गाड़ियों की लंबी लग जा रही है। भारी वाहनों के गुजरने पर इन ज्वाइंटरों से तेज आवाज आती है और रेलिंग हिलने लगती है, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
लखनऊ से बाराबंकी-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघरा नदी पर बने पुल के ज्वाइंटर फिर उखड़ रहे हैं। 44 साल पुराने इस पुल की मरम्मत पर विशेष ध्यान न दिए जाने से हर दूसरे तीसरे माह ज्वाइंटर खुल कर यातायात व्यवस्था प्रभावित करते हैं। घाघरा नदी पर बना संजय सेतु काफी पुराना है। जिससे आए दिन उसके ज्वाइंटर उखड़ जाते हैं। इन्हें अस्थाई रूप से बनाया जाता है मगर दो महीने में ही फिर समस्या बन जाती है। इन्हें सही करते समय लंबे जाम से यात्रियों को दो चार होना पड़ता है। एक बार फिर पुल के ज्वाइंटर खुलने से यातायात की दिक्कतें होनी लगी हैं। दो महीने पहले हुई मरम्मत के बावजूद पुल की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। पुल की सड़क में भी कई जगह दरारें पड़ गई हैं और पूरे पुल पर लगभग पांच जॉइंटर खुल चुके हैं और एक जॉइंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कई स्थानों पर नट-बोल्ट और रेलिंगें भी टूटी हैं।
राहगीरों में आक्रोश
राहगीरों में इसको लेकर काफी आक्रोश है। राहगीर राजेश शुक्ला, राम सजीवन व विनोद ने बताया कि हाल ही में की गई मरम्मत केवल औपचारिकता मात्र थी। अब पुल के बगल नया पुल बनाया जाए नहीं तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। इस मार्ग से बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती सहित कई जिलों को यात्री जाते हैं। यह नेपाल जाने का भी मार्ग है। रोजाना हजारों वाहन इस पुल से गुजरते हैं जिससे इस पुल की उपयोगिता समझी जा सकती है। सरकार ने नया सेतु बनाने के लिए करोड़ों रुपए जारी किए हैं, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।





