माफिया बनने का प्रयास करने वाले मिट्टी में मिलने की कर लें तैयारी, सीएम योगी ने दी चेतावनी

Apr 11, 2026 09:38 pm ISTDinesh Rathour मोहम्मदी/पलिया कलां, वरिष्ठ संवाददाता
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सीएम योगी ने कहा कि समाज को जातीय विभाजन में बांटने का पाप जो भी करता है, वह समाज के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करता है। यह केवल पाप ही नहीं कर रहा है, देशद्रोही भी है। फिर से त्रासदी किसी के सामने ना आने पाए।

माफिया बनने का प्रयास करने वाले मिट्टी में मिलने की कर लें तैयारी, सीएम योगी ने दी चेतावनी

Lakhimpur Kheri News: खीरी पहुंचे सीएम योगी ने जहां थारू समाज, पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों और बांग्लादेश के विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार प्रमाण पत्र दिए, वहीं विपक्षी दल उनके निशाने पर रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने विभाजन की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी विभाजन होता है, ऐसी ही त्रासदी आती है। आज भी कुछ विभाजनकारी ताकतें लगातार शरारत कर रही हैं क्योंकि आपके विभाजन में ही उनकी राजनीति और उनके गुंडों को फलने-फूलने का अवसर प्राप्त होता है। उन गुंडों व दंगों से जो मुक्ति मिली है, उसको फिर से पनपने मत देना। उन्होने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि माफिया बनने का प्रयास करने वाले मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर लें। सरकार किसी माफिया को पनपने, गरीबों का हक छीनने और नौजवानों की नौकरी पर डकैती नहीं डालने देगी।

सीएम ने कहा कि समाज को जातीय विभाजन में बांटने का पाप जो भी करता है, वह समाज के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करता है। यह केवल पाप ही नहीं कर रहा है, देशद्रोही भी है। फिर से त्रासदी किसी के सामने ना आने पाए। इसीलिए जाति व क्षेत्र में मत बंटिए। सीएम ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग तुष्टीकरण के पोषक हैं।​ जब हम लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाते हैं तब सपा देश के तोड़ने वाले जिन्ना का महिमामंडन करते हैं। जब हम एकजुट होने का आह्वान करते हैं तब ये जातीय विभाजन में समाज के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का पाप करते हैं। सीएम ने कहा कि याद करिए पिछली सरकारें पहचान का संकट खड़ा करती थीं। हर जिले में एक गुंडे और माफिया को पालती थीं। वे माफिया और वे गुंडे ही पिछली सरकारों की पहचान थे। पर्वों के पहले उपद्रव होता था। कर्फ्यू, दंगे, गुंडे, माफिया उनकी पहचान थी। ​लेकिन आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ नहीं, ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ है।

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जिला खीरी के गिनाए विकास कार्य

सीएम ने कहा कि लखीमपुर में भी एक मेडिकल कॉलेज बन गया है। लखीमपुर में पीएलए यूनिट लग गई, लखीमपुर में गोला गोकर्णनाथ में भव्य कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है और अब एयरपोर्ट का निर्माण भी हम तेजी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। दुधवा नेशनल पार्क तेजी के साथ पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ी है।

4356 थारू परिवारों और 2350 परिवारों को मिला भौमिक अधिकार

सीएम योगी ने कहा पिछली सरकारों के लोग परिवारवाद से ऊपर उठते तो थारू व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के बारे में सोच पाते, लेकिन समाज को बांटने व संसाधनों पर डकैती डालने वालों से अधिकार दिलाने की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने कहा कि 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि का अधिकार पत्र सौंपा गया है। 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों को तत्कालीन सरकार पैतृक संपत्ति नहीं दे पाई, लेकिन ऐसे 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का भौमिक अधिकार मिल रहा है। जो कभी नहीं हुआ, वह कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है।

पहले सैफई तक सीमित था विकास

सीएम ने कहा कि पहले योजना-विकास सैफई में होती थी। एक परिवार ही सब कुछ हजम कर जाता था, लेकिन भाजपा के लिए 25 करोड़ की आबादी ही परिवार है। हर जनपद में समान विकास हो रहा है। हर ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के माध्यम से जहां जिसका घर, वहां उसका अधिकार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब जमीन, नाम, सम्मान और पहचान भी मिल रही है।

विधायक से कहा-चंदन चौकी में भी कीजिए व्यवसाय

सीएम ने विधायक रोमी साहनी की मांगों को शासन में लिखित में भेजने को कहा। सीएम ने उनसे कहा कि बेकरी के व्यवसाय को चंदन चौकी और आसपास भी कीजिए, जिससे थारू समाज द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूह को जोड़कर तराई क्षेत्र के साथ आपकी बेकरी के प्रोडक्ट को उत्तराखंड में भी भेज सकें। यहां 300 से अधिक महिला स्वयंसेवी समूह कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार ने हर समूह को 30 हजार रुपये का रिवाल्विंग फंड व डेढ़ लाख रुपये का कम्युनिटी इनवेस्टमेंट फंड उपलब्ध कराया है।

बेमौसम बरसात से पीड़ित किसानों के साथ खड़ी है सरकार

सीएम योगी ने कहा कि ओलावृष्टि और बारिश के कारण किसानों को भारी क्षति हुई है। हमने जल्द ही सर्वे रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित किसानों को फसल बीमा योजना, आपदा राहत कोष से पैसा उपलब्ध कराएंगे। जनहानि, पशुहानि होने पर 24 घंटे में सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। अग्निकांड में फसल नुकसान होने पर मंडी समिति द्वारा तत्काल मुआवजा, घर जलने या आंधी-तूफान से नष्ट होने पर मुख्यमंत्री आवास योजना से आवास दिलाने को कहा गया है।

थारू समाज को उद्यमी बनाएगी सरकार

सीएम योगी ने कहा कि थारू समाज अब केवल लाभार्थी नहीं है, बल्कि सरकार उन्हें लाभार्थी से उद्यमी बनाएगी। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी उसी सोच का प्रतीक है। थारू समाज का उत्पाद अब राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेगा। इसे वैश्विक मान्यता मिलेगी, स्वावलंबन, रोजगार सृजन होगा। पहले की सरकारों की तुष्टिकरण की संकुचित सोच से उठकर इस सरकार ने अब संतुष्टिकरण के साथ ही सबका साथ-सबका विकास किया है।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

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दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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