Hindi NewsUP NewsThose asking for certificates should first provide their own Akhilesh Yadav on Shankaracharya controversy
प्रमाण पत्र मांगने वाले पहले खुद का सर्टिफिकेट दें; शंकराचार्य विवाद पर भड़के अखिलेश यादव

प्रमाण पत्र मांगने वाले पहले खुद का सर्टिफिकेट दें; शंकराचार्य विवाद पर भड़के अखिलेश यादव

संक्षेप:

अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से माघ मेले के दौरान प्रमाण पत्र मांगे जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि मांगने वाले पहले खुद अपना प्रमाण पत्र दें। भाजपाई और उनके संगी-साथियों की सोच इस हद तक गिर जाएगी, ये किसी ने नहीं सोचा था।

Jan 21, 2026 05:47 am ISTPawan Kumar Sharma लाइव हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से माघ मेले के दौरान प्रमाण पत्र मांगे जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि मांगने वाले पहले खुद अपना प्रमाण पत्र दें। भाजपाई और उनके संगी-साथियों की सोच इस हद तक गिर जाएगी, ये किसी ने नहीं सोचा था। दरअसल, मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मेला प्रशासन ने संगम तट जाने से रोक दिया था।

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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर शंकराचार्य को लेकर एक पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने लिखा, 'मांगने वाले पहले खुद अपना प्रमाणपत्र दें। विभाजनकारी भाजपाई और उनके संगी-साथियों की सोच इस हद तक गिर जाएगी, ये किसी ने नहीं सोचा था। भाजपा सत्ता और धन के सिवा किसी की भी सगी नहीं है। अहंकार तो दशमुखी का भी नहीं बचा था, इन एक मुखी का क्या बचेगा।'

सपा प्रमुख ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, 'भाजपा सत्ता और धन के सिवा किसी की भी सगी नहीं है। भाजपा के महाभ्रष्ट राज में मेले के नाम पर कमीशन गटक जाने का नया खेल शुरू हुआ है। इसलिए उन साधु-संतों को भी सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जो मेले की शोभा होते हैं। जिनका दर्शन मात्र ही आशीर्वाद होता है, उनके साथ बेहद आपत्तिजनक-अपमानजनक हिंसक दुर्व्यवहार शासन-प्रशासन इसलिए कर रहा है क्योंकि कमीशनखोरी में भाजपाई गुट की मिलीभगत है।'

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राष्ट्रपति को भी शंकराचार्य तय करने का अधिकार नहीं

इससे पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अब शासन-प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री या राष्ट्रपति तय करेगा कि शंकराचार्य कौन है। राष्ट्रपति को भी शंकराचार्य तय करने का अधिकार नहीं है। शंकराचार्य को परिभाषित करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंकराचार्य वह है जिसे बाकी तीन पीठों के शंकराचार्य कहें कि वह शंकराचार्य हैं। तीन पीठों में से दो पीठों के शंकराचार्य हमें शंकराचार्य कहते हैं। पिछले माघ मेले में भी मुझे अपने साथ लेकर स्नान कर चुके हैं। जब स्वयं द्वारका और शृंगेरी के शंकराचार्य जी कह रहे हैं कि आप शंकराचार्य हैं और स्नान कर रहे हैं, तो आपको किस प्रमाण की जरूरत है?

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma
"पवन कुमार शर्मा पिछले 3 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। पवन अभी हिन्दुस्तान अख़बार की वेबसाइट Livehindustan.com में काम कर रहे हैं। इससे पहले ABP News में बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाएं और टूरिज्म पर लिखते हैं। पवन ने दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था।" और पढ़ें
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