ये तो मानसिक उत्पीड़न है, शिक्षाधिकारियों के रवैए पर HC की तल्ख टिप्पणी; प्राइमरी शिक्षक समायोजन केस

विधि संवाददाता, प्रयागराज
Follow us on Google News
share

कोर्ट ने कहा कि शिक्षा अधिकारियों का ऐसा आचरण दर्शाता है कि उन्होंने दुर्भावनापूर्ण इरादों से काम किया है। यह सत्यापित किए बिना स्थानांतरण पोर्टल खोलना कि कोई संस्थान एकमात्र शिक्षक विहीन रह जाएगा या नहीं और फिर शिक्षकों को स्कूल से कार्यमुक्त करना और फिर उन्हें वापस भेजना उत्पीड़न के समान है।

Primary Teacher

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिषदीय शिक्षकों के जिले के अंदर समायोजन के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि शिक्षा अधिकारियों की कार्रवाई यह दर्शाती है कि उन्होंने पहले ऑनलाइन पोर्टल खोला, शिक्षकों को इसे भरने का अवसर प्रदान किया और बाद में इसे रद्द कर दिया, जिससे शिक्षकों को मानसिक पीड़ा हुई।

कोर्ट ने कहा कि शिक्षा अधिकारियों का ऐसा आचरण दर्शाता है कि उन्होंने दुर्भावनापूर्ण इरादों से काम किया है। यह सत्यापित किए बिना स्थानांतरण पोर्टल खोलना कि कोई संस्थान एकमात्र शिक्षक विहीन रह जाएगा या नहीं और फिर शिक्षकों को स्कूल से कार्यमुक्त करना एवं फिर उन्हें वापस भेजना उत्पीड़न के समान है। ऐसे मामलों में यह न्यायालय जुर्माना भी लगा सकता है और याचियों को मुआवजा देने का निर्देश दे सकता है क्योंकि उन्होंने अपनी इच्छा पर कार्य नहीं किया बल्कि संबंधित अधिकारियों द्वारा पोर्टल खोलने के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्य किया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति पीके गिरि ने प्रीति व तीन अन्य शिक्षकों की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने आगे कहा कि भविष्य में यदि ऐसी बातें न्यायालय के संज्ञान में आती हैं तो न्यायालय की स्वतंत्र एजेंसी द्वारा स्वतंत्र जांच का निर्देश देने को मजबूर होगी, जिससे उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्य करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जा सके। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए शिक्षा अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि याची अपने पिछले संस्थानों में कार्यभार ग्रहण करते हैं और पढ़ाना शुरू करते हैं तो उनके वेतन का भुगतान उनके संबंधित खातों में किया जाएगा। यदि वे संस्थानों में कार्यभार ग्रहण नहीं करते तो यह न्यायालय याचिका के अंतिम निर्णय के बाद वेतन के बकाया के मुद्दे पर विचार करेगा।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsUP Newsये तो मानसिक उत्पीड़न है, शिक्षाधिकारियों के रवैए पर HC की तल्ख टिप्पणी