यूपी में डीआईजी के घर के सामने बड़ी चोरी, डायमंड शोरूम से करोड़ों के हीरे किए साफ
सहारनपुर में गुरुवार की देर रात चोरों ने डायमंड शोरूम में बड़ी वारदात कर डाली। छत के रास्ते घुसे चोरों ने शोरूम के अंदर से करोड़ों रुपये के हीरे चोरी कर लिए।

यूपी में चोरों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस की गश्ती के बाद भी चोर वारदातें कर जाते हैं। चोरों ने सहारनपुर में एक डायमंड शोरूम में करोड़ों का माल साफ कर दिया। चोरों के आगे शोरूम की सुरक्षा-व्यवस्था भी ध्वस्त नजर आई। जिस शोरूम में चोरी हुई है, वह डीआईजी आवास के ठीक सामने मौजूद है। यह पूरा इलाका पॉश है। इस इलाके में पुलिस की चौकसी हमेशा रहती है, इसके बाद भी चोर अपना काम करके चले गए। घटना की सूचना जब पुलिस के आला अधिकारियों को लगी तो हड़कंप मच गया। हैरानी की बात यह रही कि न तो सायरन बजे और न ही चोर सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट रूप से कैद हो सके। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। इस घटना को लेकर व्यापारियों में रोष है।
दिल्ली रोड पर टाटा समूह का कैरेटलेन शोरूम है। गुरुवार रात शोरूम बंद कर अधिकारी और स्टाफ के लोग घर चले गए थे। प्रतिदिन की तरह शुक्रवार सुबह शोरूम खोला गया तो चोरी की वारदात का पता चला, जिसके बाद शोरूम के अधिकारियों व स्टाफ के होश फाख्ता हो गए।पुलिस के अनुसार बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर स्थित डायमंड शोरूम को निशाना बनाने के लिए चोर छत के रास्ते घुसे थे। वे अपने साथ गेट कटर लेकर आए थे, जिसकी बिजली पास स्थित एक होटल के गार्डन की ग्रिल से जोड़ी गई। इसके बाद छत का गेट काटा गया और सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतरते हुए चोर पहली मंजिल पर पहुंचे, जहां स्थित सेनेट्री शोरूम को उन्होंने हाथ तक नहीं लगाया।
चोरों ने काटी सीढ़ी वाली दीवार
सीढ़ियों से सीधे ग्राउंड फ्लोर पहुंचे। चोरों ने डायमंड शोरूम की सीढ़ी वाली दीवार को काटा और करीब दो फुट के रास्ते से अंदर कूद गए। इसके बाद कटर से शोरूम का बैक साइड गेट काटकर तिजौरी में रखे हीरों समेत कीमती जेवरात निकाल लिए। फ्रेम में सजाए गहनों को ज्यादा नहीं छेड़ा गया। बड़ी चोरी की सूचना मिलते ही डीआईजी अभिषेक सिंह, एसएसपी आशीष तिवारी, एसपी सिटी व्योम बिंदल और एसपी ग्रामीण सागर जैन फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घंटों जांच की। पुलिस ने इस चोरी के खुलासे के लिए पांच विशेष टीमें गठित की हैं, जो सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय कनेक्शन की जांच कर रही हैं।
सहारनपुर रेज के डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया, वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। सीसीटीवी और सर्विलांस समेत अन्य संसाधनों से जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने अहम साक्ष्य जुटाए है। जल्द ही खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
बाराबंकी में गोदाम का ताला तोड़कर सरसों व नकदी चोरी, मुकदमा दर्ज
वहीं दूसरी ओर बाराबंकी के जैदपुर थाना क्षेत्र में चोरों ने एक व्यापारी के गोदाम का ताला तोड़ कर सरसों और नकदी पार कर दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नगर कोतवाली के गल्लामंडी कानून गोयान मोहल्ला निवासी अशोक कुमार गुप्ता पुत्र स्व. बाबूलाल गुप्ता की फर्म पूजा ट्रेडिंग कम्पनी का गोदाम ग्राम जरहरा, जैदपुर रोड स्थित है। बुधवार की देर रात करीब दो बजे चोरों ने गोदाम का ताला तोड़ कर चोरों ने अंदर रखी 10 कुंतल सरसों व 20 हजार रुपये नगदी चोरी कर ली। गुरुवार की सुबह जब व्यापारी दुकान पर पहुंचे तो गोदाम का टूटा ताला और अंदर से सरसों व नगदी गायब देखकर उन्हें चोरी की जानकारी हुई। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल की जांच की। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


