
भूख लगने पर होते हैं आक्रामक...योगी के मंत्री धर्मपाल ने बताया खूंखार बंदर और कुत्तों से बचाव का तरीका
मेरठ दौरे पर आए योगी सरकार के पशुपालन, दुग्ध विकास और जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कुत्ते और बंदर की समस्या पर मीडिया को पशु प्रेम की परिभाषा समझाई।
मेरठ दौरे पर आए योगी सरकार के पशुपालन, दुग्ध विकास और जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कुत्ते और बंदर की समस्या पर मीडिया को पशु प्रेम की परिभाषा समझाई। साथ ही आवारा कुत्तों और बंदरों के हमले से कैसे बचा जाए? इसका तरीका भी बताया। उन्होंने कहा कि पशुओं से प्रेम करना चाहिए। पहले कुत्तों के मोहल्ले हुआ करते थे। अब सब समाप्त हो गए हैं। कुत्ते और बंदर भूखे होंगे तो वह आक्रामक होंगे। उनसे प्रेम करना चाहिए और उन्हें भी जीने का अधिकार मिलना चाहिए। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान पशुपालन मंत्री ने कुत्ते और बंदर की समस्या को पुराने जमाने की बातों से जोड़ते हुए पशुओं से प्रेम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि आवारा और निराश्रित पशुओं के लिए व्यवस्था का निर्देश दिया गया है। कारण अब ठंड का मौसम है। ऐसे में उनके लिए उचित व्यवस्था की जाएगी। कुत्ते और बंदर के मामले में उन्होंने साफ कहा कि जंगल समाप्त हो रहे हैं। गली मोहल्ले में कुत्तों के लिए खाना नहीं मिल रहा है। पहले गाय और कुत्तों को घर-घर से रोटियां मिला करती थी अब वह सब नहीं हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण
प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने गुरुवार को मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को देखकर भड़क गए। उन्होंने प्राचार्य से साफ कहा कि सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है, बल्कि आपके मन में दिक्कत है। यह सुनकर सब सन्न रह गए। निरीक्षण में शामिल कॉलेज प्रशासन के आलाधिकारियों को भी पसीने आ गए। सब एक-दूसरे की बंगले झांकते नजर आए। वैसे प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह दो दिवसीय दौरे पर मेरठ पहुंचे थे। उनके आधिकारिक कार्यक्रम में जिला अस्पताल का निरीक्षण प्रस्तावित था, लेकिन भाजपा नेता विनीत शारदा और अन्य ने मंत्री से कहा कि अब तो जिला अस्पताल में सब कुछ ठीक हो गया होगा। मेडिकल कालेज देख लें। इसके बाद प्रभारी मंत्री का मूड बदल गया। वे भाजपा नेताओं, डीएम डा.वीके सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ काफिला सीधे एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज जा पहुंचा।
पद के हिसाब से ऑफिस का स्तर नहीं
उन्होंने प्राचार्य से कहा कि इंसान के बैठने का स्थान बहुत महत्वपूर्ण होता है, और आपका जो पद है उसके हिसाब से आपके ऑफिस का स्तर नहीं मिलता है। आपके पास एक बहुत ही बड़ी जिम्मेदारी है, जिसके प्रति आपको और ज्यादा ध्यान देना चाहिए। अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों द्वारा इलाज को लेकर लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद प्रभारी मंत्री ने डीएम डॉ वीके सिंह को निर्देश दिए हैं कि एक महीने बाद आप यहां का निरीक्षण करेंगे।





