वृद्धा पेंशन के पात्रों की होगी दोबारा जांच, डीएम ने एसडीएम और बीडीओ को सौंपी जिम्मेदारी
वृद्धा पेंशन के पात्रों की दोबारा जांच होगी। डीएम ने एसडीएम और बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम ने कहा कि वह अधीनस्थों से जल्द इसकी जांच करवाएं, ताकि नए वित्तीय वर्ष की पहली किस्त जारी की जा सके।
UP News: यूपी के कौशांबी जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के पात्रों की दोबारा जांच करने का निर्देश जारी किया है। जिलाधिकारी ने इस पात्रता जांच की जिम्मेदारी एसडीएम और बीडीओ को सौंपी है। जिम्मेदारीसौंपते हुए डीएम ने कहा कि वह अधीनस्थों से जल्द इसकी जांच करवाएं, ताकि नए वित्तीय वर्ष की पहली किस्त जारी की जा सके।
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने निर्देश के साथ हिदायत भी दी है। डीएम ने सख्त तेवर में कहा है कि भौतिक सत्यापन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्पष्ट रिपोर्ट होनी चाहिए। पात्र हैं अथवा अपात्र। यदि कोई मृतक भी है तो उसकी स्पष्ट रिपोर्ट आनी चाहिए। इस कार्य में शिथिलता न बरती जाए। लाभार्थियों के सत्यापन के लिए एसडीएम व बीडीओ को 15 दिन की मोहलत दी है। डीएम ने कहा है कि लापरवाही बतरने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। लापरवाही पर सख्त ऐक्शन होगा।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में शामिल है योजना
जिलाधिकारी ने एसडीएम और बीडीओ को बताया है कि भौतिक सत्यापन को गंभीरता से लिया जाए। यह योजना सीएम के डैशबोर्ड में शामिल है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही से जिले की रैंक पर प्रभाव पड़ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पात्रता के लिए
आयु: आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
आर्थिक स्थिति: आवेदक गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार का सदस्य होना चाहिए।
निवास: आवेदक उस राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का निवासी होना चाहिए जहां वह आवेदन कर रहा है।
आय का साधन: व्यक्ति के पास आजीविका का कोई नियमित आय स्रोत न हो।
अन्य पेंशन: आवेदक पहले से किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज :
आधार कार्ड
आयु प्रमाण पत्र (आयु 60+ वर्ष हो)
बीपीएल राशन कार्ड या आय प्रमाण पत्र
बैंक या डाकघर पासबुक
पासपोर्ट साइज फोटो
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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