
थानेदारी पाने या बचाने का हुआ एग्जाम, सख्ती ऐसी कि जब्त हो गया दरोगा जी का मोबाइल
बागपत पुलिस लाइन में बागपत के साथ ही खेकड़ा, चांदीनगर, बालैनी, सिंघावली अहीर, महिला थाना और विभागीय ऑफिसों में तैनात इंस्पेक्टरों और दरोगाओं का भी केंद्र बनाया गया था। वहीं, बड़ौत के जेपी स्कूल में बड़ौत, रमाला, दोघट, छपरौली और बिनौली थानों के इंस्पेक्टरों और दरोगाओं का परीक्षा केंद्र बनाया गया।
बागपत पुलिस ने तीन नए कानूनों की समझ परखने के लिए अनोखी पहल की है। यहां थानेदारी पाने या बचाने के लिए बकायदा परीक्षा आयोजित की गई। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में सभी निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। जिसमें भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रावधानों और साइबर अपराध से संबंधित प्रश्न पूछे गए। कई प्रश्नों को देखकर निरीक्षकों और दरोगाओं का दिमाग भी चकरा गया। परीक्षा के दौरान जबरदस्त सख्ती भी देखने को मिली। यहां तक कि प्रश्नपत्र का फोटो खींचने पर एक दरोगा जी का मोबाइल भी जब्त हो गया।

एसपी सूरज कुमार राय के सुझाव पर आयोजित परीक्षा में नए कानूनों के अलावा साइबर अपराध से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए। जिससे विवेचना अधिकारियों को कानून की पूरी जानकारी हो सके और उनके द्वारा की जाने वाली विवेचना में किसी प्रकार की लापरवाही सामने न आ सके। रविवार को यह परीक्षा दो केंद्रों पर हुई। बागपत पुलिस लाइन में बागपत के साथ ही खेकड़ा, चांदीनगर, बालैनी, सिंघावली अहीर, महिला थाना और विभागीय ऑफिसों में तैनात इंस्पेक्टरों और दरोगाओं का केंद्र बनाया गया जबकि बड़ौत के जेपी स्कूल में बड़ौत, रमाला, दोघट, छपरौली और बिनौली थानों के इंस्पेक्टरों और दरोगाओं का परीक्षा केंद्र बनाया गया। बागपत पुलिस लाइन में सुबह के समय हुई परीक्षा के दौरान एक दरोगा को प्रश्नपत्र की मोबाइल से फोटो खींचते हुए पकड़ा गया।
एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसका मोबाइल जब्त कर लिया और फोटो हटवा दी। बताया जा रहा है कि परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को थाने, चौकी और स्पेशल टीम में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा में 20 से अधिक इंस्पेक्टर और 200 से अधिक दरोगा शामिल हुए। अब विशेषज्ञ अधिकारियों से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद अग्रिम निर्णय लिया जाएगा। परीक्षा देने के बाद अब इंस्पेक्टर और दरोगाओं की नजर परीक्षा परिणाम पर टिक गई है।
कुर्सी बचाने को भी चला नकल का खेल
बागपत पुलिस लाइन और बड़ौत के जेपी पब्लिक स्कूल में आयोजित हुई इंस्पेक्टरों और दरोगाओं की परीक्षा के दौरान नकल का भी खेल चला। अधिकारी जब निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो सभी ने अनुशासन दिखाते हुए प्रश्नों को हल करना शुरू कर दी। वहीं, जैसे ही अधिकारी निरीक्षण करने के बाद वापस लौटे, तो इंस्पेक्टर और दरोगा नकल करते हुए भी दिखाई दिए। इस दौरान वे एक-दूसरे से प्रश्नों के उत्तर पूछते नजर आए। वहीं, बागपत पुलिस लाइन में तो एक इंस्पेक्टर पास में खड़ा होकर दूसरे इंस्पेक्टर को प्रश्नों के उत्तर बताता नजर आया। जिसे लेकर पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर चल पड़ा है। कहना है कि नकल का यह खेल कुर्सी बचाने के लिए चला है। अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
इंस्पेक्टरों और दरोगाओं का कानूनी ज्ञान परखने के लिए परीक्षा कराई गई है। जिसमें बीएनएस और साइबर क्राइम पर आधारित प्रश्न अधिक रहे। परीक्षा में अच्छे अंक पाने वाले इंस्पेक्टरों और दरोगाओं को थानों के साथ स्पेशल टीम और पुलिस चौकियों की कमान सौंपी जाएंगी। परीक्षा नकलविहीन संपन्न हुई है। अब उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया जाएगा।-सूरज कुमार राय, एसपी बागपत
अपराध से जुड़े प्रश्नों ने चकराया दिमाग
बागपत पुलिस लाइन और बड़ौत के जेपी पब्लिक स्कूल में आयोजित हुई परीक्षा के लिए एसपी ने क्राइम और साइबर क्राइम से जुड़े विशेषज्ञों से प्रश्न पत्र तैयार कराया था। प्रश्न पत्र किसने तैयार किया और कहां छपकर आए, इसकी किसी को भनक तक नहीं लगने दी। रविवार को परीक्षा आयोजित हुई, तो बीएनएस और साइबर क्राइम से जुड़े प्रश्नों को देखकर इंस्पेक्टरों और दरोगाओं का दीमाग चकरा गया। कई इंस्पेक्टर और दरोगा तो काफी देर तक माथा पकड़े बैठे रहे।





