
लाल किला, कुतुब मीनार, मेरा है, खाली कराओ नहीं तो..., PMO को पत्र भेज अजीबोगरीब दावा
यूपी के अलीगढ़ के रहने वाले एक व्यक्ति ने लाल किला, कुतुब मीनार और आगरा के किले पर अपना दावा ठोंकते हुए पीएमओ को पत्र लिखा है। तीनों को अपना बताते हुए खाली करने की बातें करते हुए कई मांग कर दी है। पीएमओ के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जांच भी शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक व्यक्ति ने देश के तीन प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों दिल्ली के लाल किला, कुतुब मीनार और आगरा के किला पर अपना दावा ठोककर प्रशासन को हैरत में डाल दिया है। बन्नादेवी थाना क्षेत्र के इस व्यक्ति ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर दो अलग-अलग प्रार्थना पत्र भेजे हैं। इसमें अजीबोगरीब मांगें और आरोप लगाए गए हैं। बन्नादेवी थाना क्षेत्र के एक इलाके में रहने वाले अकबर ने 29 सितंबर और 24 नवंबर को पीएमओ आईजीआरएस पर ये प्रार्थना पत्र भेजे।
पहले पत्र में उसने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि दिल्ली का लाल किला, कुतुब मीनार और आगरा का किला उसकी निजी संपत्ति है। उसने पीएमओ से इन तीनों स्मारकों को खाली कराकर उसे सौंपने की मांग की है। इसके अलावा, उसने यह विकल्प भी दिया है कि यदि यह संभव न हो, तो उसे जितना पैसा वह मांगे उतना दिया जाए, या फिर उसे सीधे प्रधानमंत्री से मिलवाया जाए।
विपक्षी नेताओं पर हत्या की सुपारी देने का आरोप
अकबर ने दूसरे प्रार्थना पत्र में और भी सनसनीखेज आरोप लगाए। उसने देश के 10 से अधिक बड़े विपक्षी नेताओं के नाम लिखते हुए कहा कि ये सभी नेता मिलकर उसकी हत्या करना चाहते हैं। उसने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं ने मिलकर उसकी हत्या के लिए एक करोड़ रुपये की सुपारी दी है। इन विपक्षी नेताओं में बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के अलावा अलीगढ़ और आसपास के जिलों के स्थानीय नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
पीएमओ के निर्देश पर पुलिस जांच शुरू
पीएमओ कार्यालय के स्तर से इन दोनों प्रार्थना पत्रों की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के लिए इसे जिला पुलिस को भेजा गया है। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने तुरंत सीओ बन्नादेवी को इन आरोपों को सत्यापित (Verify) करने के निर्देश दिए।
एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि प्रार्थना पत्र भेजने वाले व्यक्ति की बातों को वेरिफाई किया जा रहा है। हालांकि, प्राथमिक पूछताछ और जांच में व्यक्ति की सभी बातें निराधार नजर आ रही हैं। पुलिस फिलहाल व्यक्ति के बयान दर्ज कर रही है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी मानसिक स्थिति और आरोपों के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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