राम मंदिर का पहला CEO बनने की होड़, अप्लाई करने की आज अंतिम तारीख; कौन निकला सबसे आगे?
बताया जा रहा है कि तीन सदस्यीय समिति का काम केवल आवेदनों की जांच करना, अभ्यर्थियों की संक्षिप्त सूची बनाना है, अंतिम नियुक्ति का फैसला ट्रस्ट करेगा। समिति आवेदनों का आकलन करेगी और योग्य अभ्यर्थियों के नामों की सिफारिश करेगी। सीईओ की अंतिम नियुक्ति ट्रस्ट करेगा।

Ayodhya Ram Mandir First CEO News: अयोध्या में श्री राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद के लिए होड़ मची हुई है। आवेदन करने वालों में सेवानिवृत्त नौकरशाह सबसे आगे हैं। चयन प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आवेदन जमा करने की प्रक्रिया शनिवार शाम चार बजे समाप्त हो जाएगी।
ट्रस्ट ने वित्तीय निगरानी और प्रबंधन को मजबूत करने, संस्थागत जवाबदेही बढ़ाने तथा मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज को सुचारु बनाने के उद्देश्य से व्यापक प्रशासनिक बदलाव के तहत सीईओ का पद सृजित किया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य ने एजेंसी से कहा, हमें काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। कई आवेदकों ने अपने 'बायोडेटा' सीधे हमें भेजे, लेकिन हमने यह कहते हुए वापस कर दिया कि वे इन्हें विशेषज्ञ समिति को भेजें। आवेदनों की समीक्षा कर ट्रस्ट को नामों की सिफारिश करने का अधिकार केवल इसी समिति को है।
समिति को एक महीने का समय मिलेगा
चयन प्रक्रिया से परिचित सूत्र के मुताबिक, तीन सदस्यीय समिति का काम केवल आवेदनों की जांच करना, अभ्यर्थियों की संक्षिप्त सूची बनाना है, अंतिम नियुक्ति का फैसला ट्रस्ट करेगा। सूत्र ने कहा, समिति आवेदनों का आकलन करेगी और योग्य अभ्यर्थियों के नामों की सिफारिश करेगी। अंतिम नियुक्ति ट्रस्ट करेगा। उन्होंने कहा कि समिति के तीन से अधिक नाम भेजने की संभावना नहीं है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि शनिवार शाम चार बजे है, जिसके बाद समिति आवेदनों की जांच शुरू करेगी। समिति को यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए अंतिम तिथि से करीब एक महीने का समय दिया गया है। योग्यता, अनुभव की जांच के अलावा समिति सिफारिशें देने से पहले संक्षिप्त सूची में शामिल अभ्यर्थियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर सकती है।
अभ्यर्थियों से अलग से बात कर सकता है ट्रस्ट
सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट अपना पहला सीईओ चुनने से पहले संक्षिप्त सूची में शामिल अभ्यर्थियों से अलग से बातचीत कर सकता है। ट्रस्ट में खाली पद भरे जाने के बाद यह नियुक्ति होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में रिक्त पदों को भरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्र रूप से संचालित की जा रही है। ट्रस्ट उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत काम करता है और उस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।
चढ़ावे की व्यवस्था के लिए हाईटेक सुरक्षा प्रोटोकॉल
राम मंदिर में चढ़ावा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और बैंक प्रबंधन ने कई बड़े बदलाव लागू किए हैं। इनका उद्देश्य दान संग्रह, नकदी की गिनती और बैंक तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल निगरानी और कड़े सुरक्षा मानकों के दायरे में लाना है। नई व्यवस्था के तहत दानपात्रों को खोलने और चढ़ावे की गिनती अब बैंक के अधिकृत अधिकारियों और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की संयुक्त निगरानी में कराई जाएगी। इसके साथ ही मंदिर परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त विशेष कैश काउंटिंग रूम विकसित किया गया है, जहां हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरी प्रक्रिया की निगरानी होगी।
कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग ट्रस्ट के मुख्य कार्यालय और बैंक के सुरक्षा तंत्र से की जाएगी। गिने गए चढ़ावे को बैंक तक पहुंचाने के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। अब नकदी का परिवहन सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में जीपीएस से लैस बख्तरबंद वाहनों के जरिए किया जाएगा, जिससे पूरे रूट पर निगरानी रखी जा सके। सुरक्षा प्रोटोकॉल में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कैश काउंटिंग रूम और दानपात्रों के आसपास ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों और सेवादारों की प्रवेश और निकास के समय अनिवार्य रूप से कड़ी तलाशी ली जाएगी, ताकि किसी अनियमितता की संभावना को समाप्त किया जा सके।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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