राखी बंधवाकर दिल्ली लौटा था युवक, हॉस्टल हादसे ने छीन ली चार बहनों के इकलौते भाई की जिंदगी
दिल्ली में छात्र हॉस्टल की इमारत गिरने के हादसे ने औरैया के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। चार बहनों का इकलौता भाई बेहतर भविष्य का सपना लेकर दिल्ली गया था। इसी साल दिल्ली विश्वविद्यालय में बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया था।

UP News: दिल्ली में छात्र हॉस्टल की इमारत गिरने का हादसा औरैया के दिबियापुर के एक परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे गया। बाबू दयाराम नगर की आचार्य कॉलोनी के रहने वाले पवन कुमार की हादसे में मौत हो गई। चार बहनों के इकलौते भाई पवन ने इसी साल दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया था। बेहतर भविष्य का सपना लेकर दिल्ली गए बेटे की मौत की खबर सोमवार को घर पहुंची तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रक्षाबंधन पर बहनों से राखी बंधवाने घर आया पवन त्योहार के बाद ही पढ़ाई के लिए दिल्ली वापस लौटा था।
आचार्य कॉलोनी निवासी रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मी विशंभर नाथ का परिवार सोमवार को उस समय सदमे में आ गया, जब दिल्ली के हॉस्टल हादसे में उनके इकलौते बेटे पवन की मौत की जानकारी मिली। पवन चार बहनों के बीच इकलौता भाई था। हादसे की जानकारी मिलते ही रिश्तेदार और आसपास के लोग घर पहुंचने लगे। पूरे मोहल्ले में शोक पसर गया। पवन ने दिबियापुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली का रुख किया। इसी साल 20 जुलाई को उसने दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया था। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा पढ़ाई पूरी कर अपना भविष्य संवारेगा और परिवार का सहारा बनेगा, लेकिन दिल्ली के हादसे ने उनके सारे सपने तोड़ दिए।
मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हुई
उधर, सत्य निकेतन हादसे में मरने वालों की संख्या सोमवार को 7 हो गई। इनमें पांच छात्र और एक मजदूर शामिल है। वहीं एक शव की पहचान नहीं हो सकी है। कुल पांच लोग इस हादसे में घायल हुए हैं, जिनमें से चार का उपचार अभी अस्पताल में चल रहा है। इनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने इस बाबत मामला दर्ज कर पीजी के मालिक हरिओम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में गिरने वाले मकान के साथ वाले असुरक्षित घर को भी तोड़ने के आदेश दिए हैं। इसे रविवार को ही खाली करवा लिया गया था।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए पीजी संचालक और उसकी पत्नी
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को सत्य निकेतन इमारत ढहने की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार दंपत्ति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, उनके बेटे को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। न्यायाधीश के आवास पर पेश किए जाने के बाद 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता और उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि उनके 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। बता दें कि रविवार को सत्य निकेतन में दशकों पुरानी एक इमारत ढह गई थी। इस इमारत में लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट (पीजी) का संचालन किया जा रहा था।


