
केजीएमयू धर्मांतरण का तानाबाना आगरा में बुना, डॉक्टर रमीज व आतंकी शाहीन के संबंधों की जांच
केजीएमयू में धर्मांतरण का तानाबाना आगरा में बुना गया था। यहां जुलाई में गिरोह से जुड़े दस लोग पकड़े गए थे। कई राज्यों के साथ ही विदेशों में भी बड़ा नेटवर्क चल रहा था।केजीएमयू के डॉक्टर रमीज से आतंकी शाहीन और उसके भाई परवेज के संबंधों की भी जांच हो रही है।
केजीएमयू में चल रहे यौनशोषण और धर्मांतरण गिरोह का तानाबाना आगरा से ही बुना गया था। जांच एजेंसियों को इस संबंध में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिस पर पुलिस की दो टीमें आगरा में पड़ताल कर रही हैं। इस बात को इसलिए भी बल मिला है क्योंकि पिछले साल धर्मांतरण कराने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा आगरा पुलिस ने किया था।आतंकी गतिविधियों में पकड़ी गई डॉक्टर शाहीन के भाई डॉक्टर परवेज और डॉक्टर रमीज के संबंधों के बारे में भी पड़ताल की जा रही है।
दरअसल डॉक्टर परवेज जब आगरा मेडिकल कॉलेज से एमडी की पढ़ाई कर रहा था उस समय रमीज भी वहां से एमबीबीएस कर रहा था। दोनों व्हाट्सएप पर इस्लामिक मेडिकोज से जुड़े थे। इस लिए मना जा रहा है कि दोनों की आपस में बातचीत होती थी। पुलिस औैर जांच एजेंसियां इस संबंध में आगरा मेडिकल कॉलेज से पढ़े लोगों से पूछताछ कर रही हैं।
जांच टीम जल्द ही आगरा की पीड़ित महिला डॉक्टर से भी पूछताछ कर सकती हैं। जांच एजेंसियों संगठन की हुई बैठकों के वीडियो और फुटेज से भी साक्ष्य संकलन कर रही हैं। दोनों के बैंक खातों का भी ब्योरा खंगाल रही हैं कि उनके बीच रुपयों का लेन-देन हुआ अथवा नहीं। एजेंसियों के अफसरों का मानना है कि साक्ष्य मिलने पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
आगरा में पकड़ा गया था अबतक का सबसे धर्मांतरण नेटवर्क
आगरा पुलिस ने जुलाई में एक बड़े धर्मांतरण गिरोह का राजफाश कर मौलाना और एक युवती समेत 10 को गिरफ्तार किया था। माना जा रहा है कि यह प्रदेश का अबतक का सबसे बड़ा नेटवर्क पुलिस टीम ने ध्वस्त किया था। दो हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण कराकर उन्हें पश्चिम बंगाल में रखा गया था। वहां से उन्हें बरामद भी किया गया था।
गिरोह के तार प्रतिबंधित संस्था पीएफआई, एसडीपीआई और पाक एजेंसियों से जुड़े हने के साक्ष्य भी मिले थे। गिरोह का नेटवर्क देश में राजस्थान, गोवा, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, दिल्ली के अलावा विदेशों में कनाडा, अमेरिका और पाकिस्तान तक फैला था। इसके अलावा पूर्व में धर्मांतरण मामले में पकड़े गए अन्य गिरोह से भी केजीएमयू से जुड़े रमीज के संपर्कों का ब्योरा खंगाला जा रहा है।
बैंक खातों का ब्योरा खंगाल रही एजेंसियां
पुलिस और एजेंसियों ने डॉ. रमीज और गिरोह जुड़े लोगों की फंडिंग के बारे में भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने डॉ. रमीज के अलावा उसके करीबी, माता-पिता और धर्मांतरण में फरार काजी जाहित व उसके साथी के बैंक खाते खंगाल रही हैं। उनके आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। इस संबंध में पुलिस ने कई बैंकों को उक्त लोगों की डिटेल दी है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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